महाराष्ट्र में विभिन्न यातायात अपराधों के लिए कंपाउंडिंग की नई दरें एक दिसंबर से लागू कर दी गई हैं। इससे दुर्घटनाओं को कम करने और नागरिकों के बीच यातायात के प्रति अनुशासन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
महाराष्ट्र में अब यातायात नियमों का उल्लंघन जेब पर भारी पड़ने वाला है। राज्य सरकार ने मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम 2019 लागू करने की अधिसूचना जारी कर दी है। इसके जरिए यातायात नियमों के उल्लंघन पर कंपाउंडिंग शुल्क में वृद्धि की गई है। नियम तोड़ने पर 200 रुपये से एक लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।
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महाराष्ट्र के परिवहन आयुक्त अविनाश दखणे के अनुसार जारी अधिसूचना के अनुसार राज्य में विभिन्न यातायात अपराधों के लिए कंपाउंडिंग की नई दरें एक दिसंबर से लागू कर दी गई हैं। इससे दुर्घटनाओं को कम करने और नागरिकों के बीच यातायात के प्रति अनुशासन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
हादसे व मौतें कम करना है मकसद
दखणे ने कहा कि जुर्माना या कंपाउंडिंग फीस बढ़ाने का मकसद सड़क सुरक्षा में सुधार, हादसों में मौतों को कम करना और जनता में बेहतर सड़क अनुशासन लाना है।
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महाराष्ट्र के परिवहन विभाग के एक अधिकारी के अनुसार राज्य सरकार ने मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम 2019 में तय जुर्माने और दंड की तुलना में कई ट्रैफिक अपराधों का कंपाउंडिंग शुल्क घटा दिया है। महाराष्ट्र सरकार संशोधित अधिनियम के अनुसार यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों को भारी जुर्माने से दंडित करने के पक्ष में नहीं थी।
इस तरह लगेगा कंपाउंडिंग शुल्क
महाराष्ट्र में विभिन्न अपराधों के लिए कंपाउंडिंग शुल्क 200 रुपये से लेकर 1 लाख रुपये तक लगेगा।
बिना रिफ्लेक्टर और टेल लैंप के वाहन चलाने, गलत ढंग से नंबर प्लेट लगाने पर 1,000 रुपये दंड लगेगा।
पहली बार ट्रैफिक नियम तोड़ने पर 500 रुपये दंड होगा, दूसरी बार व उससे आगे नियम तोड़ने पर 1,500 रुपये दंड चुकाना पड़ेगा।