मद्रास हाईकोर्ट ने मंगलवार को उस आदेश पर रोक लगा दी जिसमें आईआईटी- कानपुर को मई में हुए जेईई एडवांस परीक्षा की रैंकिंग सूची फिर से जारी करने को कहा गया था। इसमें उन उम्मीदवारों को प्राथमिकता देने की बात कही गई थी जिन्होंने संस्थान की तरफ से दिए गए वास्तविक निर्देशों का पालन किया था न कि संस्थान की तरफ से बाद में दिए गए स्पष्टीकरण का। इस फैसले से आईआईटी कानपुर को राहत मिली है। आईआईटी कानपुर की तरफ से दायर अपील के बाद जस्टिस एचजी रमेश समेत दो जजों की पीठ ने एकल जज के 2 जुलाई के आदेश पर रोक लगा दी। पीठ ने इसके बाद मामले की सुनवाई तीन सप्ताह के लिए टाल दी।
जेईई एडवांस टेस्ट में शामिल एल लक्ष्मी श्री ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आईआईटी कानपुर के स्पष्टीकरण को खारिज करने की मांग की थी। 20 मई को आयोजित परीक्षा से पहले आईआईटी कानपुर की तरफ से स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि सभी 8 सवालों के अंकों वाले जवाब दशमलव के बाद की दो संख्या तक लिखें।
परीक्षा के बाद आईआईटी कानपुर ने स्पष्टीकरण दिया कि अगर प्रतिभागी ने किसी प्रश्न के जवाब 11, 11.0 अथवा 11.00 लिखा है, तो तीनों सही माने जाएंगे। हाईकोर्ट ने पहले कहा था कि जिन अभ्यर्थियों ने दिए गए निर्देश के अनुसार दशमलव के बाद के दो अंकों तक के सटीक उत्तर लिखे हैं ऐसे अभ्यर्थियों को वरीयता सूची में ऊपर रखा जाएं।