Madras High court Madurai bench
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मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ ने तमिलनाडु में प्रसिद्ध मंदिरों के नाम पर चल रही अनधिकृत और फर्जी वेबसाइटों को गंभीरता से लिया है और केंद्र और राज्य सरकारों को इन्हें तत्काल बंद करने का निर्देश दिया है। खंडपीठ ने जनहित याचिकाओं पर मंगलवार को सुनवाई करते हुए कई निर्देश जारी किए। अदालत ने कहा कि मंदिरों और देवी-देवताओं के नाम पर चल रहीं फर्जी वेबसाइटों को साइबर क्राइम विंग की मदद से बंद किया जाना चाहिए और उनकी कमाई की वसूली की जानी चाहिए।
साथ ही अदालत ने कहा कि अधिकारियों को मंदिरों की आधिकारिक वेबसाइटों की सूची के साथ दूरसंचार विभाग और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को इसकी जानकारी प्रदान करनी चाहिए। साथ ही इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को निर्देश दिए जाने चाहिए कि वे मंदिरों के नाम पर तीसरे पक्ष द्वारा बनाई गई अवैध वेबसाइटों को ब्लॉक करें, जो मंदिरों या मंदिर प्राधिकरणों के अधिकारों का उल्लंघन करती हैं।
गुटखा-पान मसाला पर प्रतिबंध हटाने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी तमिलनाडु सरकार
तमिलनाडु सरकार ने मद्रास हाईकोर्ट के गुटखा सहित तंबाकू आधारित उत्पादों की बिक्री, उत्पादन तथा परिवहन पर लगी रोक को रद्द करने के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का फैसला किया है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री एम. सुब्रमणियन ने मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि तमिलनाडु सरकार ने कानूनविदों और विशेषज्ञों से परामर्श लेने के बाद शीर्ष अदालत में अपील करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि कारोबारियों को ऐसे उत्पादों के सेवन से लोगों के जीवन पर होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में समझना चाहिए। साथ ही मंत्री ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो सरकार विधानसभा में विधेयक लाकर कानून में संशोधन करेगी। बता दें, मद्रास हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह राज्य सरकार की वर्ष 2018 की उस अधिसूचना को रद्द कर दिया था, जिसके जरिए राज्य में गुटखा और पान मसाला के उत्पादन तथा बिक्री पर रोक लगाई गई थी।