तमिलनाडु में AIADMK पर वर्चस्व की जंग में पूर्व मुख्यमंत्री ओ. पनीरसेल्वम को बड़ा झटका लगा है। दरअसल, मद्रास हाईकोर्ट द्वारा जनरल काउंसिल की बैठक की मंजूरी मिलने के बाद एडप्पादी के. पलानीस्वामी को AIADMK का अंतरिम महासचिव चुन लिया गया। बैठक में AIADMK जनरल काउंसिल ने महासचिव पद को फिर से स्थापित करने और पार्टी के प्राथमिक सदस्यों द्वारा पद के लिए एक व्यक्ति का चुनाव सुनिश्चित करने के लिए प्रस्ताव पारित किया है। चुनाव 4 महीने बाद होगा। इसके अलावा बैठक में पार्टी के दोहरे नेतृत्व को खत्म करने और पार्टी के लिए उप महासचिव पद सृजित करने का प्रस्ताव पारित किया। बता दें कि आज सुबह पनीरसेल्वम को उस समय झटका लगा जब मद्रास हाईकोर्ट ने बैठक की मंजूरी दे दी। इस फैसला के बाद ही उनकी हार तय मानी जा रही थी।
ओ पनीरसेल्वम पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित
AIADMK जनरल काउंसिल की बैठक में ओ पनीरसेल्वम को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और कोषाध्यक्ष के पद से निष्कासित कर दिया गया। पन्नीरसेल्वम के समर्थक भी निष्कासित किए गए हैं।
एमजीआर और जयललिता को भारत रत्न देने का प्रस्ताव
AIADMK की आम परिषद की बैठक में पेरियार, एमजी रामचंद्रन (एमजीआर) और जे जयललिता को भारत रत्न देने की मांग का प्रस्ताव पारित किया गया। बता दें कि ई पलानीस्वामी की अध्यक्षता में अन्नाद्रमुक आम परिषद की बैठक में 16 प्रस्तावों के पारित होने की उम्मीद है।
शशिकला ने किया पलटवार
मामले में वीके शशिकला ने पलटवार करते हुए कहा कि मैं एआईएडीएमके की आम परिषद की आज हुई बैठक को एक ऐसी बैठक मानती हूं जो निजी हित के लिए की जा सकती है। आज हुई सामान्य परिषद की बैठक निश्चित रूप से अमान्य है क्योंकि जब मेरे द्वारा उच्च न्यायालय में दायर किया गया मामला लंबित है तो ऐसे आयोजन नहीं होने चाहिए। उन्होंने कहा कि डीएमके में गलत स्थिति के कारण एमजीआर ने एक अलग पार्टी शुरू की। उन्होंने जिस पार्टी की शुरुआत की, उसमें किसी के साथ भी ऐसा नहीं होना चाहिए। उन्होंने ऐसी स्थिति पैदा की जहां जमीनी कार्यकर्ताओं द्वारा महासचिव का चुनाव किया जाना चाहिए, अब वे उस तरह से काम नहीं कर रहे हैं।
ट्विटर पर पार्टी की प्रोफाइल पिक्चर बदली
AIADMK नेता और पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने चेन्नई में जया मेमोरियल पर पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता को पुष्पांजलि अर्पित की। इस बीच AIADMK ने ट्विटर पर पार्टी की प्रोफाइल पिक्चर बदल दी है। आज अन्नाद्रमुक ने ई पलानीस्वामी के नेतृत्व वाली आम परिषद की बैठक में ओ पनीरसेल्वम को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से हटाने का प्रस्ताव पारित किया।
पनीरसेल्वम समर्थकों ने जमकर की तोड़फोड़
वहीं हाईकोर्ट का फैसला आते ही पनीरसेल्वम समर्थकों ने ई पलानीस्वामी के नेतृत्व में पार्टी की आम परिषद की बैठक से पहले अन्नाद्रमुक कार्यालय का दरवाजा तोड़ दिया। इसके अलावा समर्थकों ने सड़क पर भी नारेबाजी की। हांलांकि विरोध के बावजूद AIADMK नेता पलानीस्वामी बैठक के लिए अपने आवास से रवाना हो गए। बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता उनके स्वागत के लिए रास्ते में एकत्र हुए।
AIADMK नेता एडप्पादी के पलानीस्वामी ने कहा कि हमारे पार्टी कैडर ने रोयापेट्टा पीएस में शिकायत दी कि असामाजिक तत्व पार्टी मुख्यालय में प्रवेश कर सकते हैं और उन्होंने सुरक्षा मांगी। पूर्व मंत्री डी जयकुमार ने भी चेन्नई के आयुक्त को पार्टी मुख्यालय को सुरक्षा प्रदान करने की शिकायत दी थी। यह साबित हो गया है कि हमारी जानकारी सही थी। रोयापेट्टा पुलिस और आयुक्त कार्यालय ने पार्टी मुख्यालय को उचित सुरक्षा प्रदान करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया।
मद्रास हाईकोर्ट ने पनीरसेल्वम की याचिका कर दी खारिज
वहीं इससे पहले तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री पनीरसेल्वम की याचिका को खारिज करते हुए मद्रास हाईकोर्ट ने आज होने वाली AIADMK आम परिषद की बैठक के लिए हरी झंडी दे दी । बता दें कि पनीरसेल्वम ने बैठक को रोकने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दी थी जिसमें अंतरिम महासचिव पद को पुनर्जीवित करने और समन्वयक के साथ-साथ संयुक्त समन्वयक पदों को समाप्त करने का प्रस्ताव था।
यहां देखेें वीडियो किस तरह से पनीरसेल्वम समर्थकों ने मचाई तोड़फोड़
ओ.पनीरसेल्वम के साथ काम करना मुश्किल: के.पी.मुनुसामी
बता दें कि अन्नाद्रमुक(AIADMK) के वरिष्ठ नेता के.पी.मुनुसामी ने शनिवार को ओ.पनीरसेल्वम आरोप लगाते हुए कहा था कि पार्टी कोषाध्यक्ष ओ.पनीरसेल्वम ने सत्तारूढ़ द्रमुक से नजदीकी बना ली है और अब उनके साथ किसी भी तरह का संबंध रखना असंभव है। मुनुसामी ने कहा कि पनीरसेल्वम द्रमुक शासन का पक्ष ले रहे हैं और जब वह सत्तारूढ़ दल की प्रशंसा करेंगे तो इससे अलगाव की स्थिति उत्पन्न होगी।