मध्यप्रदेश सरकार विधायकों को वाहन और मकान खरीदने के लिए कर्ज की सीमा दोगुनी करने की तैयारी कर रही है। अभी वाहन खरीदने के लिए विधायकों को 10 लाख रुपये और मकान के लिए 25 लाख रुपए तक का कर्ज लेने की पात्रता है। इसमें बदलाव कर वाहन खरीदने के लिए कर्ज की सीमा 10 से बढ़ाकर 30 लाख रुपए और मकान खरीदने की राशि को 25 से बढ़ाकर 50 लाख रुपए किया जाना प्रस्तावित है।
इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला गुरुवार को होने वाली राज्य कैबिनेट की बैठक में लिया जाएगा। प्रस्ताव के अनुसार विधायक को कर्ज पर चार फीसदी ब्याज की राशि जमा करना होगी। यदि ब्याज की दर नौ फीसदी होती है तो पांच फीसदी ब्याज सरकार भरेगी। यह सुविधा 15वीं विधानसभा से निर्वाचित सदस्यों को मिलेगी।
इसमें शर्त यह रहेगी कि यदि कोई सदस्य पहले वाहन के लिए कर्ज ले चुका है या राजधानी में उसका आवास है तो उसे यह सुविधा नहीं मिलेगी। कैबिनेट में सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण सुविधा दिए जाने के प्रस्ताव का अनुसमर्थन किया जाएगा।
इस बारे में कैबिनेट पहले ही आर्थिक वर्ग के कमजोर लोगों को आरक्षण दिए जाने का फैसला ले चुकी है। इसके साथ ही महिला बाल विकास के सेफ सिटी कार्यक्रम को मंजूरी के लिए लाया जाएगा। इसके तहत शहरों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए जाने हैं। इस योजना में खर्च होने वाली राशि केंद्र से राज्य सरकार को मिलेगी।