वायु सेना (आईएएफ) में शामिल होने के कुछ महीनों के भीतर ही प्रचंड लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (एलसीएच) ने भारतीय सेना के साथ संयुक्त युद्धाभ्यास में भाग लेना शुरू कर दिया है। ये एलएएच हेलीकॉप्टर बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।
'प्रचंड' लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टरों को पिछले साल 3 अक्टूबर को वायु सेना में शामिल किया गया था। तब से वे रेगिस्तानी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर उड़ान भर रहे हैं।
स्क्वाड्रन लीडर रौनक दुबे ने बताया, "हम सेना के साथ संयुक्त अभ्यास कर रहे हैं और हम भविष्य में किसी भी तरह के संघर्ष की स्थिति में सेना को समर्थन देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।" उन्होंने कहा कि हेलिकॉप्टर (एलसीएच) को रेगिस्तान क्षेत्र में बड़े पैमाने पर उड़ाया जा रहा है और बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहा है।
उन्होंने कहा, हमने इस हेलिकॉप्टर को अपनी यूनिट में काफी उड़ाया है और हम इसकी क्षमताओं से अत्यधिक प्रभावित हैं, क्योंकि यह अपने सभी मापदंडों पर खरा उतरने में सक्षम है। इसकी भूमिका थल सेना को करीबी हवाई सहायता प्रदान करना और दुश्मन के हवाई हमलों को खत्म करना है।
दुबे ने कहा कि 'प्रचंड' दुनिया के सबसे शक्तिशाली लड़ाकू हेलीकॉप्टरों में से एक है, जिसमें हवा से हवा और हवा से जमीन पर मार करने वाली मिसाइलें हैं और इसमें 70 मिमी रॉकेट पॉड के साथ-साथ 20 मिमी गन कैनन भी है।
उन्होंने बताया, "पूर्वी लद्दाख और सियाचिन ग्लेशियर जैसे ऊंचाई वाले दोनों स्थानों पर परीक्षण के दौरान इसने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। इसकी नेविगेशन प्रणाली पायलटों को लक्ष्यों को निशाने पर लेने और उन्हें आसानी से नष्ट करने की अनुमति देती है।"
स्क्वाड्रन लीडर तन्मई मनन ने कहा कि मेड-इन-इंडिया एलसीएच एल पेलोड ले जाने की क्षमता, गति आदि के कारण भारत को अन्य हमलावर हेलीकॉप्टरों पर बढ़त देता है।