प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को एक बार फिर से देश के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। उनके शपथ ग्रहण समारोह में आठ हजार मेहमान हिस्सा लेंगे। जिसमें देश-विदेश के गणमान्य व्यक्तियों सहित बॉलीवुड के सितारे भी शामिल हैं। मगर इस समारोह की खास बात यह है कि इसमें पुलवामा आतंकी हमलों में शहीद हुए एक जवान का परिवार भी शिरकत करेगा।
पश्चिम बंगाल के नादिया की रहने वाली ममता बिस्वास को मोदी के शपथग्रहण में हिस्सा लेने का निमंत्रण मिला है। उनका बेटा सुदीप बिस्वास पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए 40 जवानों में से एक था। 14 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आत्मघाती हमलावर ने सीआरपीएफ के काफिले पर हमला किया था। ममता गुरुवार सुबह दिल्ली पहुंचेंगी।
27 साल के शहीद कांस्टेबल के पिता भी कार्यक्रम में आना चाहते थे लेकिन स्वास्थ्य समस्याओं के कारण ऐसा नहीं हो पाया। पश्चिम बंगाल के ही शहीद हेड कांस्टेबल बाबलू सांतरा के परिवार को शपथ ग्रहण में शिरकत करने के लिए निमंत्रण भेजा गया है। सांतरा हावड़ा के रहने वाले थे। हालांकि उनका परिवार शपथग्रहण में शामिल होगा या नहीं इसकी पुष्टि नहीं है।
एक सूत्र ने कहा, 'शहीदों और उनके परिवार के सदस्यों को यह सम्मान देना प्रधानमंत्री और सरकार का यह भाव दिखाता है कि वह देश की सेवा करते हुए अपनी जान गंवाने वाले सैनिकों के बलिदान का कितना आदर करते हैं। यह बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के उस आरोप को खारिज करती है जिसमें उनका कहना था कि सरकार इतने बड़े कार्यक्रम को राजनीतिक रंग दे रही है।'
हालांकि पंजाब और हिमाचल प्रदेश के शहीदों के परिवार का कहना है कि उन्हें शपथ ग्रहण का कोई आमंत्रण नहीं मिला है। हिमाचल के कांगड़ा के शहीद तिलक राज के पिता लायक राम का कहना है कि यदि उनके परिवार को आमंत्रित किया जाएगा तो वह खुशी-खुशी शामिल होंगे। उन्होंने कहा, 'इस समय कोई भी पुरुष सदस्य घर में नहीं है। मेरा एक बेटा शहीद हो चुका है और दूसरा पंजाब में काम कर रहा है। लेकिन इसके बावजूद यदि निमंत्रण मिलता है तो परिवार का कोई सदस्य खुशी से जाएगा।'
पुलवामा आतंकी हमलों के बाद मोदी सरकार ने 26 फरवरी को पाकिस्तान के बालाकोट में स्थित जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी कैंपों को नेस्तानाबूत कर दिया था। चुनावी रैली के दौरान अहमदाबाद में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था, 'ये हमारा सिद्धांत है कि हम घर में घुसकर मारेंगे। मैं लंबा इंतजार नहीं कर सकता।'