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Supreme Court: लखीमपुर खीरी हिंसा के गवाह से जाकर मिलें लखनऊ के एसपी, सुप्रीम कोर्ट का यूपी पुलिस को आदेश

Thu, 07 Aug 2025 09:59 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

लखीमपुर खीरी हिंसा के गवाह ने आरोप लगाया था कि उसे पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय कुमार मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा के खिलाफ गवाही देने के कारण धमकाया गया। मामले में कोर्ट ने कहा कि लखनऊ के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को गवाह से जाकर मिलना चाहिए।
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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लखीमपुर खीरी हिंसा के गवाह को धमकी मिलने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस को अहम आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि लखनऊ के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को गवाह से जाकर मिलना चाहिए। ताकि यह पुष्टि की जा सके कि पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय कुमार मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा के खिलाफ गवाही देने के लिए उसे धमकाया गया था। 
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न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां और न्यायमूर्ति एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने उत्तर प्रदेश पुलिस से पूछा कि कोई अधिकारी गवाह से मिलने क्यों नहीं आया, जबकि 20 जून को उसने शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस अधिकारियों को उससे मिलने से किसने रोका? इस पर उत्तर प्रदेश की अतिरिक्त महाधिवक्ता गरिमा प्रसाद ने कहा कि गवाह अनिच्छुक था। पुलिस ने उसको बुलाया था, लेकिन वह अपनी शिकायत की पुष्टि करने या अपना बयान दर्ज कराने नहीं आया।

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पीठ ने कहा कि पुलिस का संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं है। यदि शिकायतकर्ता अपनी शिकायत के समर्थन में आगे आने में अनिच्छुक है, तो किसी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को शिकायतकर्ता से मिलने/यह सत्यापित करने के लिए नियुक्त किया जा सकता है कि क्या उसने कोई शिकायत की है? यदि ऐसी सामग्री स्वीकार की जाती है तो पुलिस के लिए जांच करना अनिवार्य है। आवश्यक परिणाम सामने आने चाहिए।

इसके बाद कोर्ट ने पुलिस को जांच और गवाह से मुलाकात के बाद नई स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया। पीठ ने कहा कि हम लखनऊ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को शिकायत के सत्यापन के बाद हलफनामा दाखिल करने का निर्देश देते हैं। रिकार्ड में सामने आया कि आठ मई से अभियोजन पक्ष ने 20 गवाहों से पूछताछ की और 208 गवाहों की सूची में से 20 गवाहों को हटा दिया। पीठ ने निचली अदालत को निर्देश दिया कि वह शीघ्रता से मुकदमा चलाए और यदि संभव हो तो महीने में दो बार गवाहों से पूछताछ करे। मामले में गवाह ने आरोप लगाया था कि उसे पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय कुमार मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा के खिलाफ गवाही देने के कारण धमकाया गया।
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एक नजर लखीमपुर खीरी हिंसा पर
गौरतलब है कि 3 अक्तूबर 2021 को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के तिकुनिया में किसानों का विरोध प्रदर्शन हुआ था। यह विरोध उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के क्षेत्र दौरे के खिलाफ था। इस हिंसा में चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत हो गई थी। चार किसानों को एक स्पोर्ट्स यूटिलिटी वाहन (SUV) ने कुचल दिया था। इसके बाद गुस्साए किसानों ने एक ड्राइवर और दो भाजपा कार्यकर्ताओं की पीट-पीटकर हत्या कर दी। इस हिंसा में एक पत्रकार की भी मौत हो गई थी। इस मामले में दिसंबर 2023 में ट्रायल कोर्ट ने आरोप तय किए हैं। कोर्ट ने हत्या, आपराधिक साजिश और अन्य गंभीर आरोपों के तहत उपमुख्यमंत्री के बेटे आशीष मिश्रा और 12 अन्य लोगों पर आरोप लगाया है। 

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