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लखनऊ किसान मंडी भवन की आग में प्रभावित हो सकती है बुंदेलखंड पैकेज की फाइलें

Wed, 18 May 2016 04:59 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
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- फोटो : amar ujala
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लखनऊ में मंडी समिति भवन में हुए भीषण अग्निकांड में बुंदेलखंड पैकेज से बनीं साढ़े तीन अरब की मंडियों की फाइलें भी जलने का अंदेशा है। इन मंडियों के निर्माण में बड़े पैमाने पर धांधली होने की शिकायतें हुई थीं। कुछ में जांच भी शुरू हो गई थी। मंडियों का निर्माण 2013-14 में पूरा होना था, लेकिन अभी तक अधूरी हैं। करीब 3.35 अरब की लागत वाली मंडियों के निर्माण में करीब 2.28 अरब रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
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लखनऊ किसान मंडी भवन में रविवार की रात भीषण आग लग गई। प्राप्त खबरों के मुताबिक इस अग्निकांड में बुंदेलखंड पैकेज से सात जिलों में 64-64 करोड़ रुपये की लागत से बनाई जा रही विशिष्ट मंडियों की फाइलें भी जलकर राख हो गईं हैं। मंडियों के कागजात के जलने को लेकर तरह- तरह की चर्चाएं हैं। क्योंकि करोड़ों की लागत से बनने वाली मंडियों के निर्माण में बड़े पैमाने पर धांधली होने की शिकायतें मिलती रही हैं। कुछ शिकायतें शासन स्तर पर भी गई। कुछ में स्थानीय स्तर पर जांच भी हुई थी।

यह भी योजना 
प्रदेश सरकार ने बुंदेलखंड विकास पैकेज से बुंदेलखंड के लिए कुल 73 विशिष्ट मंडियां स्वीकृत की थीं। इनकी लागत 3 अरब 35 करोड़ 85 लाख रुपये बताई गई थी। इस योजना में बांदा में नौ, महोबा में चार, हमीरपुर में 10 और चित्रकूट में तीन मंडियों का निर्माण अधूरा है। यह स्थित तब है, जब प्रदेश सरकार इन मंडियों के लिए दो अरब 28 करोड़ 40 लाख रुपये से ज्यादा दे चुकी है।
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मंडियों का निर्माण वर्ष 2013 या 2014 में पूरा हो जाना चाहिए था। लेकिन अभी तक अधूरी हैं। इतना ही नहीं महोबा में मंडियों के निर्माण के लिए  4627.53 लाख रुपये अवमुक्त हुए लेकिन खर्च 4669.26 लाख रुपये हुए। कहा जाता है कि ज्यादा खर्च होने पर प्रशासन अन्य व्ययों के लिए आए धन को किसी भी कार्य में लगा सकता है।
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साढ़े तीन अरब की मंडियों की फाइलें जलने का अंदेशा

- फोटो : amar ujala
ऐसी बननी थी आधुनिक मंडी
नवीन मंडी में पांच- पांच हजार मीट्रिक टन की क्षमता वाले चार गोदाम बनने हैं। इसी तरह 100 मीट्रिक टन क्षमता के 18 गोदाम (भंडार) बनाए जा रहे हैं। हरेक मंडी में लंबे-चौड़े टीन शेडयुक्त छह-छह नीलामी चबूतरे और किसानों को दुकानें आवंटित की जाएंगी। लाइसेंसधारी किसानों और आढ़तियों को सभी आधारभूत सुविधाएं मिलेंगी। उनके लिए नवीन मंडी में विश्राम गृह भी बनेगा।

चित्रकूटधाम मंडल की मंडियों में बांदा में 152, महोबा में 172 और चित्रकूट में 192 दुकानें बनाई जा रही हैं। मंडी परिषद उप निदेशक एमएम कांत ने बताया कि नवीन मंडी में बैंक, कैंटीन, पल्लेदारों के लिए शेड, पुलिस सहायता केंद्र, किसानों को फसल रखने और तौलाने आदि के लिए टीन शेडयुक्त लंबे चौड़े और सुरक्षित चबूतरे आदि उपलब्ध होंगे।

यह है मकसद
बुंदेलखंड पैकेज से नवीन मंडी (स्पेशलाइज्ड मार्केट यार्ड) का निर्माण कराया जा रहा है। इसके लिए केंद्र सरकार ने पैसा दिया है। प्रत्येक नवीन मंडी की लागत 63 करोड़ 63 लाख 40 हजार रुपये निर्धारित है। मंडियों के निर्माण का मकसद किसानों को कम से कम दूरी का फासला तय करके अपनी उपज बेंचने या मंडी से संबंधित अन्य कार्य सुविधापूर्वक निपटाने का है।

      बांदा चित्रकूट हमीरपुर महोबा योग(लाख रुपये में)
मंडी की संख्या 21  17  23  12  73
कुल लागत 8895.94 8155.02 9806.20 6727.93 33583.02
अवमुक्त 5616.67 4572.90 5467.44 4627.53 20284.54
कुल व्यय 5215.84 4306.46 5467.44 4669.26 19659.00
 
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