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Lucknow Building Collapse: अचानक कैसे गिर गई पांच मंजिला इमारत, लापरवाही या कुछ और? समझें सबकुछ

Wed, 25 Jan 2023 05:34 PM IST
हिमांशु मिश्रा स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

लखनऊ में गिरी इमारत से जुड़े कई सवालों को जानने के लिए हमने मोतीलाल नेहरु इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MNNIT) प्रयागराज के सिविल इंजीनियरिंग के सीनियर प्रोफेसर डॉ. आरपी तिवारी से बात की। उन्होंने इस हादसे से जुड़े प्राथमिक बिंदुओं पर जानकारी दी। आइए समझते हैं... 
 
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Lucknow Building Collapse - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लखनऊ में मंगलवार की शाम अचानक पांच मंजिला अलाया अपार्टमेंट ताश की पत्तों की तरह बिखर गया। इसमें करीब 30 से 40 लोग दब गए। अब तक दो लोगों की मौत की खबर है। राहत बचाव का कार्य अभी भी जारी है। हादसे के कारण तो जांच के बाद सामने आएंगे, लेकिन हमने फौरी तौर पर इस हादसे के कारणों का पता लगाने की कोशिश की। 
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इसके लिए हमने मोतीलाल नेहरु इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MNNIT) प्रयागराज के सिविल इंजीनियरिंग के सीनियर प्रोफेसर डॉ. आरपी तिवारी से बात की। उन्होंने इस हादसे से जुड़े प्राथमिक बिंदुओं पर जानकारी दी। आइए समझते हैं... 
 
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15 साल पुरानी बिल्डिंग कैसे गिर गई? 
डॉ. आरपी तिवारी ने बताया, ‘बिल्डिंग महज 15 साल पुरानी थी। प्रारंभिक तौर पर जो तथ्य निकलकर सामने आ रहे हैं, उससे साफ है कि पूरी इमारत का ढांचा काफी कमजोर था। अब ये देखना है कि क्या बिल्डिंग बनाने के लिए नक्शा पास कराया गया था? अगर हां तो कितनी मंजिल बनाने की अनुमति थी और क्या-क्या बनाने की इजाजत दी गई थी। कहीं गैर कानूनी तौर पर तो इमारत में निर्माण नहीं कराया गया था। जिस तरह से ये बिल्डिंग धराशायी हुई है, उससे पता चलता है कि कंस्ट्रक्शन की क्वालिटी काफी खराब थी।'

प्रो. तिवारी कहते हैं, 'लखनऊ के जिस इलाके में ये इमारत थी, वो भूकंप के जोन में आती है। कल दोपहर में भूकंप का झटका भी आया था। ऐसे में एक जांच का विषय ये भी है कि भूकंप के जोनल नियमों के अनुसार बिल्डिंग का निर्माण हुआ या नहीं?'

प्रो. आरपी तिवारी कहते हैं, 'सरकार की तरफ से दस साल से पुरानी सभी इमारतों की जांच करवाई जानी चाहिए। इससे पता चल पाएगा कि कौन सी इमारत किस लायक है। किस इमारत में मेंटेनेंस की जरूरत है और किसे गिराने की। इससे कई लोगों की जान बचाई जा सकती है।'
 
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बिल्डर पर पहले भी लगे हैं कई आरोप, सरकारी मिलीभगत का भी शक
अपार्टमेंट बनाने वाला बिल्डर याजदान पर कई तरह की अवैध इमारतें बनाने का आरोप लग चुका है। असुरक्षित तरीके से बिल्डिंग बनाकर फ्लैट बेचने के अलावा सरकारी जमीनों पर कब्जे और अवैध निर्माण कर अपार्टमेंट खड़ा करने का भी आरोप याजदान बिल्डर पर लग चुका है। कुछ समय पहले ही लखनऊ के प्राग नरायन रोड पर एलडीए ने बिल्डर का एक अपार्टमेंट तोड़ा था। बिल्डर के अलावा इसमें सरकारी अफसरों की मिलीभगत का भी शक है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सरकारी अफसरों की मिलीभगत से ही वह इस तरह की इमारतें तैयार करता है।
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