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LS Polls 2024: चुनाव में राहुल-प्रियंका ने 'युवा रोशनी' पर लगाया सियासी दांव, बेरोजगारों को दे रहे ये गारंटी

सार

राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, इंडिया एंप्लॉयमेंट रिपोर्ट 2024, न सिर्फ रोजगार पर मोदी सरकार की भीषण नाकामी का दस्तावेज है, बल्कि कांग्रेस की रोजगार नीति पर मुहर भी है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के कुल बेरोजगारों में 83 फीसदी युवा हैं...
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LS Polls 2024: Priyanka Gandhi - फोटो : Amar Ujala/ Sonu Kumar
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विस्तार
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कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने लोकसभा चुनाव में 'युवाओं' पर खास फोकस किया है। भाई-बहन की इस जोड़ी ने 'युवा रोशनी' पर सियासी दांव लगा दिया है। पिछले कई दिनों से राहुल और प्रियंका, युवाओं की समस्या एवं उसके निदान को लेकर काम कर रहे हैं। प्रियंका गांधी ने 'एक्स' पर लिखा, भारत के कुल वर्कफोर्स में जितने बेरोजगार हैं, उनमें 83 फीसदी युवा हैं। कांग्रेस पार्टी के पास युवाओं को रोजगार देने की ठोस योजना है। हम 'पहली नौकरी पक्की' से फ्रेशर्स को स्किल्ड वर्क फोर्स बनाएंगे। नए रोजगारों का सृजन करना होगा। हमारी 'युवा रोशनी' की गारंटी, स्टार्ट-अप्स के लिए 5000 करोड़ रुपये की मदद लेकर आ रही है।

कांग्रेस पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी ने गुरुवार को 'एक्स' पर लिखा, मेरे विकास का हिसाब दो। देश के कुल बेरोजगारों में 83 फीसदी युवा क्यों हैं? हर साल दो करोड़ नौकरियां कहां हैं? देश में 30 लाख सरकारी पद खाली क्यों हैं? हर परीक्षा का पेपर लीक क्यों होता है? प्रियंका गांधी ने 27 मार्च को अपनी एक अन्य पोस्ट में लिखा, भारत के कुल वर्कफोर्स में जितने बेरोजगार हैं, उनमें 83 फीसदी युवा हैं। कुल बेरोजगारों में शिक्षित युवाओं की हिस्सेदारी साल 2000 में 35.2 फीसदी थी। 2022 में यह 65.7 फीसदी यानी लगभग दोगुनी हो गई है। बतौर प्रियंका गांधी, दूसरी ओर प्रधानमंत्री के मुख्य आर्थिक सलाहकार कह रहे हैं कि 'सरकार बेरोजगारी की समस्या हल नहीं कर सकती।' यही भाजपा सरकार की सच्चाई है। आज देश का हर युवा समझ चुका है कि भाजपा रोजगार नहीं दे सकती।

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प्रियंका ने रोजगार देने की ठोस योजना, युवाओं के समक्ष रखी। उन्होंने लिखा, खाली पड़े 30 लाख सरकारी पद तत्काल भरे जाएंगे। हर ग्रेजुएट/डिप्लोमाधारक को एक लाख रुपये सालाना की अप्रेंटिसशिप मिलेगी। पेपर लीक के खिलाफ नया सख्त कानून आएगा। जीआईजी GIG वकर्स को सामाजिक सुरक्षा की गारंटी देंगे। स्टार्ट-अप के लिए 5000 करोड़ रुपये का राष्ट्रीय फंड बनेगा। कांग्रेस सरकार रोजगार क्रांति के जरिये देश के युवाओं का हाथ मजबूत करेगी। युवा ही देश का भविष्य हैं। वे मजबूत होंगे तो देश मजबूत होगा। दूसरी तरफ राहुल गांधी ने भी युवाओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने एक्स पर लिखा, इंडिया एंप्लॉयमेंट रिपोर्ट 2024, न सिर्फ रोजगार पर मोदी सरकार की भीषण नाकामी का दस्तावेज है, बल्कि कांग्रेस की रोजगार नीति पर मुहर भी है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के कुल बेरोजगारों में 83 फीसदी युवा हैं। ऐसे में या तो उनके पास नौकरी है ही नहीं या वह बहुत ही कम मेहनताने पर बुरी दशा में काम करने को मजबूर हैं। रिपोर्ट कहती है कि 65 फीसदी पढ़े लिखे युवा बेरोजगार हैं। हमारी गारंटी है हम 30 लाख सरकारी पदों को भरेंगे।
 

 

राहुल गांधी ने लिखा, रिपोर्ट कहती है कि श्रमिकों के पास सामाजिक सुरक्षा और सुरक्षित रोजगार नहीं है। हम श्रमिक न्याय के तहत उनका जीवन बदलने जा रहे हैं। कांग्रेस की नीतियां ही 'रोजगार की गारंटी' हैं। यह सरकार की रिपोर्ट से भी साबित हो गया है। भाजपा का मतलब, बेरोजगारी और बेबसी, कांग्रेस का मतलब-रोजगार क्रांति। राहुल ने लिखा, फर्क साफ है। नरेंद्र मोदी जी, क्या आपके पास रोजगार के लिये कोई योजना थी भी। यही सवाल आज हर युवा की ज़ुबान पर है। गली-गली, गांव-गांव भाजपा वालों से पूछा जा रहा है। आखिर हर साल दो करोड़ नौकरी देने का झूठ क्यों बोला गया था। कांग्रेस ने युवा न्याय के तहत रोजगार क्रांति का संकल्प लिया है। यह वक्त दो विचारधाराओं की नीतियों के फर्क को पहचानने का है। कांग्रेस युवाओं का भविष्य बनाना चाहती है और भाजपा उन्हें भटकाना। भ्रम का जाल तोड़ कर युवाओं को अपने ही हाथों अपनी तकदीर बदलनी होगी। देश में 'रोजगार क्रांति' लानी होगी।

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