कश्मीर में सिख समुदाय की दो लड़कियों का जबरन धर्मांतरण कर उनका मुस्लिम समुदाय के अधेड़ उम्र के लोगों से विवाह कराने का मुद्दा गरमा गया है। सिख समुदाय के लोगों ने मंगलवार को इसके विरोध में दिल्ली से लेकर श्रीनगर तक विरोध प्रदर्शन किया।
अकाली दल ने इसके विरुद्ध जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात कर इस मामले में कड़े कदम उठाने की मांग की है। भाजपा ने इसे 'लव जिहाद' का एंगल देते हुए कहा है कि जबरन धर्मांतरण पूरे देश में एक गंभीर समस्या है और जम्मू-कश्मीर से लेकर पंजाब तक धर्मांतरण विरोधी कानून की आवश्यकता है।
अगले वर्ष की शुरुआत में पंजाब में विधानसभा चुनाव भी होने हैं। आशंका है कि इसे देखते हुए यह मामला गंभीर मुद्दा बनकर उभर सकता है। शिरोमणि अकाली दल के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनजिंदर सिंह सिरसा ने अमर उजाला से कहा कि एक महीने में चार सिख लड़कियों का जबरन धर्मांतरण कर उनका मुस्लिम लोगों से विवाह कराया गया है।
पिछले एक हफ्ते में ही यह घटना दो बार घट चुकी है। आज ही उन्होंने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात कर इसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
सिरसा ने कहा कि सिख समुदाय के कड़े विरोध के बाद एक लड़की मनमीत कौर (18 वर्ष) को उसके परिवार के पास वापसी करा दी गई है, जबकि दूसरी लड़की की वापसी के प्रयास अभी भी जारी हैं। उन्होंने कहा कि इस लड़की का जबरन धर्मांतरण कराकर उसका एक 50 वर्षीय व्यक्ति से विवाह करा दिया गया था। अब लड़की की वापसी तो हो गई है लेकिन इसका धर्मांतरण अभी भी एक समस्या बना हुआ है।
सिख पंथ में एक महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि वे अपनी बेटियों की इज्जत बचाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने कहा कि कश्मीर में जिस तरह से जबरन धर्मांतरण और जबरन विवाह की घटनाएं सामने आ रही हैं, उसे देखते हुए उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश के जैसे धर्मांतरण विरोधी कानून की सख्त आवश्यकता है।
झूठे नहीं लव जिहाद के आरोप- बीजेपी
भारतीय जनता पार्टी के सिख नेता सरदार आरपी सिंह ने कहा कि कश्मीर में दो सिख लड़कियों के जबरन धर्मांतरण और उनका मुस्लिम समुदाय के अधेड़ व्यक्तियों से जबरन विवाह की घटना से यह बात सामने आ जाती है कि लव जिहाद की घटनाएं झूठी नहीं हैं। इस तरह की घटनाएं पूरे देश में हो रही हैं और इसे रोकने की जरूरत है।
भाजपा नेता ने कहा कि पंजाब में पिछले दस साल से ईसाई मिशनरी गरीब सिखों को लालच देकर ईसाई बनाने की साजिश रच रहे हैं। इस दौरान पंजाब में अचानक ही चर्चों की संख्या बढ़ने लगी है। उन्होंने कहा कि अगर पंजाब को आने वाले समय में इस तरह की गंभीर समस्याओं से बचाना है तो पंजाब में भी धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किए जाने चाहिए।
गंभीर मुद्दा
पंजाब विधानसभा चुनाव में बहुत कम ही समय बचा हुआ है। इसी बीच कश्मीर में दो सिख लड़कियों के धर्म परिवर्तन कराकर उनसे जबरन विवाह करने का संगीन मामला सामने आ गया है। जिस तरह इस मामले पर अकाली दल और भाजपा ने आक्रामकता दिखाई है, माना जा रहा है कि यह जल्दी ही बड़ा मुद्दा बन सकता है।