फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विवाद: कर्नाटक के गृह मंत्री बोले- लाउडस्पीकर की आवाज तय सीमा से अधिक पाए जाने पर होगी कार्रवाई, जानें पूरा मामला

Fri, 08 Apr 2022 09:40 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु

सार

हिजाब विवाद पर अलकायदा सरगना अल जवाहिरी के बयान पर उन्होंने कहा कि भारत से कुछ जवाब दिया गया है। आई और कर्नाटक की हमारी टीम इस मामले को देख रही है। सभी एंगल से मामले की जांच होगी। हमने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। 
विज्ञापन
लाउडस्पीकर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कर्नाटक में जारी लाउडस्पीकर विवाद के बीच प्रदेश के गृहमंत्री अराग ज्ञानेंद्र ने शुक्रवार को कहा कि सरकार ने धार्मिक संस्थानों को लाउडस्पीकरों की आवाज तय सीमा के अंदर रखने के लिए नोटिस जारी किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि इसका उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जाएगी। 

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में धार्मिक संस्थानों को नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस के साथ ही उन्हें बुलाया भी गया और लाउडस्पीकर की आवाज तय सीमा से नीचे रखने के लिए विश्वास में लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हर किसी को कोर्ट के आदेशों का पालन करना होगा। 

हिजाब विवाद पर अलकायदा सरगना अल जवाहिरी के बयान पर उन्होंने कहा कि भारत से कुछ जवाब दिया गया है। आई और कर्नाटक की हमारी टीम इस मामले को देख रही है। सभी एंगल से मामले की जांच होगी। हमने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। 
विज्ञापन


देश में आतंकी गुट से लिंक पर उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच होनी चाहिए। अलकायदा ने हिजाब विवाद पर बयान दिया है। उनकी हमारी देश में पैठ नहीं है। वहीं मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने अधिकारियों को उस वीडियो क्लिप की वास्तविकता जांचने को कहा है जिसमें जवाहिरी ने मुस्कान खान की सराहना की थी।

आईआरसीटीसी, अमूल और एयर इंडिया के खिलाफ अभियान

  • वहीं, कर्नाटक में कुछ दक्षिणपंथी संगठनों ने उत्पादों के लेबल पर हलाल का प्रमाण प्रदर्शित करने को लेकर सरकारी कंपनी आईआरसीटीसी, एअर इंडिया और अमूलफेड डेयरी समेत कई ब्रांड पर निशाना साधा है। इन संगठनों ने कहा कि जब तक उनके उत्पादों पर ऐसे प्रमाणन पर प्रतिबंध नहीं लग जाता, तब तक उनका अभियान जारी रहेगा।
  • हलाल प्रमाणन किसी भी उत्पाद का एक धार्मिक प्रमाणन है, जिससे मुस्लिम उसका उपभोग कर सकते हैं। हिंदू जनजागृति समिति के प्रदेश प्रवक्ता मोहन गौड़ा ने एक सूची साझा की है, जिसमें चिकन उत्पादों, सॉफ्ट ड्रिंक्स, आटे और चॉकलेट के ब्रांड के अलावा आईआरसीटीसी, एअर इंडिया, महाराष्ट्र पर्यटन विकास निगम के उत्पादों को हलाल प्रमाणित उत्पाद के रूप में दिखाया गया है।
  • गौड़ा ने कहा कि वह हलाल प्रमाणन के खिलाफ कानूनी कदम उठाने जा रहे हैं। भारत के खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने किसी को भी हलाल प्रमाणन जारी करने का अधिकार नहीं दिया है, लेकिन फिर भी कंपनियां प्रमाणपत्र जारी करने के लिए छह निकायों का रुख कर रही हैं। गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर हलाल विरोधी अभियान काफी प्रसारित हो रहा है। कर्नाटक में 31 मार्च से ही दक्षिणपंथी समूहों का एक वर्ग हलाल उत्पादों के खिलाफ अभियान चला रहा है और उन्होंने हिंदुओं से ‘झटका मांस’ खरीदने की अपील की है जो उनके अनुसार हलाल मांस के मुकाबले पशुओं तथा पक्षियों के लिए कम क्रूर और दर्दनाक है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें