तेलंगाना के आईटी और उद्योग मंत्री के टी रामाराव ने किशोर न्याय अधिनियम, भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) में खामियों के कारण जुबली हिल्स नाबालिग लड़की सामूहिक दुष्कर्म मामले में कथित दुष्कर्मियों को जमानत मिलने पर निराशा जताई है। रामाराव ने कहा कि किशोर न्याय अधिनियम, आईपीसी और सीआरपीसी में खामियों के कारण आरोपी इस मामले में जमानत पर छूट गए हैं। इसलिए मैं मांग करता हूं कि इन अधिनियमों में संशोधन किया जाए ताकि किसी भी दुष्कर्मी को जमानत न मिले और दोषी साबित होने पर मौत तक जेल में रहे।
तेलंगाना सरकार की आलोचना खारिज की
बिलकिस बानो सामूहिक बलात्कार मामले में उम्रकैद की सजा पाने वाले 11 लोगों की रिहाई की आलोचना करते हुए मंत्री ने इससे पहले एक ट्वीट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप करने और दोषियों को छूट देने के गुजरात सरकार के फैसले को रद्द करने को कहा था। जुबली हिल्स नाबालिग दुष्कर्म मामले में तेलंगाना सरकार द्वारा निष्क्रियता के आरोपों को खारिज करते हुए केटीआर ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि दुष्कर्मियों को तेजी से गिरफ्तार किया गया और जेल भेजा गया।
उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा-मूर्खतापूर्ण ट्रोल करने वालों के लिए जो व्हाट्सएप में लिप्त हैं और सवाल करते हैं कि तेलंगाना सरकार ने हाल ही में हैदराबाद में दुष्कर्म के मामले में क्या किया। दुष्कर्मियों को तेजी से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। 45 दिनों के बाद हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी। हम तब तक लड़ेंगे जब तक इन दुष्कर्मियों को कानून के अनुसार सजा नहीं मिल जाती।
28 मई को नाबालिग लड़की पार्टी के लिए एक पब में गई थी जहां एक गाड़ी में उसके साथ दुष्कर्म किया गया। 18 वर्षीय लड़के और पांच नाबालिगों ने उसे घर छोड़ने गाड़ी में लिफ्ट देने की पेशकश की थी। इसके बाद शहर की पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मामले के सभी छह आरोपी फिलहाल जमानत पर बाहर हैं।