एक अधिकारी ने कहा कि हम आपूर्ति श्रृंखला प्रक्रिया को बढ़ाने, डिलीवरी में लगने वाले समय को कम करने और भारत के सुदूर हिस्सों में पहुंच बढ़ाने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों पर काम कर रहे हैं।
Medicine Supply by Drone: पश्चिम बंगाल में स्काई एयर मोबिलिटी के एक ड्रोन ने मंगलवार को 104 किलोमीटर की हवाई दूरी तय करके एक ई-कॉमर्स कंपनी की दवा की खेप पहुंचाई। यह बंगाल में मानव रहित वाहन का उपयोग करके सबसे लंबी दवा डिलीवरी है।
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सड़क परिवहन से लगते चार-पांच घंटे
ड्रोन ने दक्षिण 24 परगना में ई-कॉमर्स कंपनी के बरुईपुर गोदाम से उड़ान भरी और राज्य के पुरबा मेदिनीपुर जिले में हेल्थबड्डी मातंगिनी में दवाएं पहुंचाईं। अगर सड़क मार्ग की बात करें तो दोनों स्थानों के बीच की दूरी कम से कम 185 किमी है, और सड़क परिवहन द्वारा इसे कवर करने में लगभग चार-पांच घंटे लगते हैं।
कंपनी से जुड़े एक अधिकारी ने कहा कि हम आपूर्ति श्रृंखला प्रक्रिया को बढ़ाने, डिलीवरी में लगने वाले समय को कम करने और भारत के सुदूर हिस्सों में पहुंच बढ़ाने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों पर काम कर रहे हैं। ड्रोन इनडोर और बाहरी वातावरण में प्रभावी हो सकते हैं, और हम उनकी क्षमता को अनलॉक करने के लिए एक ढांचा तैयार कर रहे हैं ताकि डिलीवरी और आसान हो।
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डिलीवरी फार्मा बिजनेस को नई दिशा मिलेगी
एक फार्मा ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ने स्काई एयर मोबिलिटी ने के साथ साझेदारी की है जिसने अब तक विभिन्न स्थानों पर हेल्थकेयर, क्विक-कॉमर्स और कृषि वस्तुओं जैसे क्षेत्रों में 2,000 से अधिक वाणिज्यिक डिलीवरी की है। वहीं कंपनी ने एक बयान में कहा कि यह डिलीवरी फार्मा बिजनेस को नई दिशा दे सकती है। स्काई एयर मोबिलिटी के सीईओ अंकित कुमार ने कहा कि ‘ड्रोन डिलीवरी’ फर्म स्काई एयर मोबिलिटी यूएवी डिलीवरी को हेल्थकेयर, ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स इंडस्ट्रीज के लिए मेनस्ट्रीम लॉजिस्टिक्स सॉल्यूशन बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
पीएम मोदी भी कर चुके हैं ड्रोन पर बात
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मई महीने में दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित देश के सबसे बड़े ड्रोन उत्सव “भारत ड्रोन महोत्सव 2022” का उद्घाटन किया था। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर आयोजित सभा को भी संबोधित किया था और कहा था ड्रोन टेक्नॉलॉजी को लेकर भारत में जो उत्साह देखने को मिल रहा है, वो अद्भुत है। ये जो ऊर्जा नज़र आ रही है, वो भारत में ड्रोन सर्विस और ड्रोन आधारित इंडस्ट्री की लंबी छलांग का प्रतिबिंब है। यह भारत में एंप्लॉयमेंट जेनरेशन के उभरते हुए बड़े सेक्टर की संभावनाएं दिखाती है। देश में टेक्नोलॉजी ने अंतिम छोर तक डिलीवरी को सुनिश्चित किया है।”