क्षतिग्रस्त ट्रक और हादसे वाली जगह की तस्वीर
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दीप ही वह व्यक्ति हैं, जिन्होंने हादसे से किसी तरह बचकर कठिन पहाड़ी रास्तों से पैदल चलकर करीब के चिपरा GREF कैंप तक पहुंचे और मदद मांगी। इसी के बाद पुलिस और बचाव दल को सूचना मिली और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ।
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डॉक्टर ने बताया कैसी है हालात?
एएमसीएच की अधीक्षक भुयान ने बताया कि दीप के सिर और सीने में गंभीर चोटें आई हैं। उन्होंने कहा कि अभी हम यह नहीं कह सकते कि वह खतरे से बाहर है। डॉक्टरों की एक टीम उनका इलाज कर रही है। उन्होंने कहा कि अंदरूनी चोटों की वजह से दीप सदमे की हालत में भी थे। वह एक्सीडेंट में बच गए और मुश्किल से सबसे पास के चिपरा GREF कैंप तक पहुंचे, जिसके बाद पुलिस को अलर्ट किया गया और बचाव अभियान शुरू किया गया।
अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि असम के तिनसुकिया जिले के कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य लापता हो गए। डिफेंस पीआरओ लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने कहा था कि यह एक्सीडेंट 8 दिसंबर को पहाड़ी राज्य के पूर्वी हिस्से में अंजॉ जिले में ह्युलियांग-चगलागाम रोड पर हुआ था, जब ट्रक 22 मजदूरों को ले जा रहा था।
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हादसे के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन की तस्वीर
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दीप को इलाज के लिए डिब्रूगढ़ किया गया शिफ्ट
पॉल ने कहा, ''हमें गुरुवार दोपहर 3 बजे अकेला बचा हुआ व्यक्ति मिला और शुरुआती इलाज के बाद उसे डिब्रूगढ़ शिफ्ट कर दिया गया।'' उन्होंने कहा कि तिनसुकिया से अधिकारियों की एक टीम शुक्रवार को एक्सीडेंट की जगह पर पहुंची। शुक्रवार सुबह से ही लाशों को निकालने का काम शुरू हो गया है। पॉल ने कहा, ''गाड़ी के अंदर कुछ लाशें देखी गई हैं, जो खतरनाक हालत में थी।"
अरुणाचल प्रदेश में अंजॉ और तेजू दोनों के डिप्टी कमिश्नरों ने पुष्टि कि है की 14 लाशें बरामद हुई हैं। पॉल ने कहा कि जिला प्रशासन लाशों को लेने के लिए तैयार है और जरूरी इंतजाम कर लिए गए हैं।
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