इसके बाद सभापति ने आसन के समक्ष आए सदस्यों से अपने स्थानों पर लौट जाने की अपील करते हुए कहा 'हर मुद्दे पर चर्चा की जाएगी। लेकिन इसके लिए जरूरी है कि सदन चले।'
उन्होंने कहा 'आज ही, संसद हमले की 17वीं बरसी पर, हमले में जान गंवाने वालों को हमने श्रद्धांजलि दी है। उनके बलिदान को याद करते हुए सदन में कम से कम आज कोई व्यवधान नहीं होना चाहिए। इससे गलत संदेश जाएगा।'
सभापति ने कहा कि वह नहीं चाहते कि लोग सदन में इस तरह की स्थिति को देखें। उन्होंने कहा कि अगर सदस्य अपने स्थानों पर वापस नहीं जाएंगे तो उन्हें सदन की बैठक दिन भर के लिए स्थगित करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
अपनी बात का असर नहीं होते देख, नायडू ने 11 बजकर करीब दस मिनट पर बैठक दिन भर के लिए स्थगित कर दी। उल्लेखनीय है कि बुधवार को भी इन्हीं मुद्ददों को लेकर उच्च सदन में हंगामा हुआ था और कार्यवाही बाधित हुई थी।