अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अभद्र टिप्पणी करने के मामले में कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी को निलंबित कर दिया गया है। संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी के प्रस्ताव के बाद इस मामले को विशेषाधिकार समिति के पास भेज दिया है। समिति की रिपोर्ट आने तक कांग्रेस सांसद लोकसभा से निलंबित रहेंगे।
क्या है मामला?
दरअसल, सदन में चर्चा के दौरान अधीर रंजन ने मणिपुर में दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाने के मामले को उठाया। इस दौरानन उन्होंने महाभारत के कुछ प्रसंगों का जिक्र किया और प्रधानमंत्री पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर गए। इस टिप्पणी के बाद भाजपा सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने भी अधीर के खिलाफ विवादित बयान दिया। सत्ता पक्ष की ओर से माफी की मांग के बाद अधीर ने इससे साफ इनकार कर दिया। बाद में लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि अधीर रंजन के साथ-साथ वीरेंद्र सिंह मस्त का भी व्यवहार सदन की गरिमा के अनुकूल नहीं था। इस पर मस्त ने अपने व्यवहार के लिए माफी मांगी।
निलंबन सत्ता के अहंकार को दर्शाता है: खरगे
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने निलंबन के फैसले को अलोकतांत्रिक और दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने सदन का उपयोग चुनावी रैली के लिए किया। खरगे ने कहा कि आखिरी दौर में लोकसभा में कांग्रेस के नेता का निलंबन किया गया, जो बेहद अलोकतांत्रिक और दुर्भाग्यपूर्ण है। ये सत्ता के अहंकार और दुर्भावना को दर्शाता है। ये परंपरा संविधान और संसदीय लोकतंत्र दोनों के लिए बहुत घातक सिद्ध होगी।
पीएम ने कसा तंज- गुड़ का गोबर कैसे करना, इसमें ये माहिर हैं
उन्होंने कहा कि सबसे बड़े विपक्षी दल के नेता का बोलने की सूची में नाम ही नहीं था। 1999 में वाजपेयी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आया। तब शरद पवार साहब ने नेतृत्व किया। 2003 में अटलजी की सरकार थी। सोनिया जी ने लीड ली, प्रस्ताव रखा। 2018 में खडगे जी थे, उन्होंने इसे आगे बढ़ाया, लेकिन इस बार अधीर बाबू का क्या हाल हो गया? उनकी पार्टी ने उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया, ये तो कल अमित भाई ने बहुत जिम्मेदारी के साथ कहा कि अच्छा नहीं लग रहा है। आपकी उदारता थी कि समय समाप्त हो गया था, तब भी आपने उन्हें मौका दिया। लेकिन गुड़ का गोबर कैसे करना, इसमें ये माहिर हैं।
पीएम ने कहा- हम अधीर बाबू के प्रति अपनी पूरी संवेदना व्यक्त करते हैं
प्रधानमंत्री ने कहा कि पता नहीं हो सकता है इंडिया से कोई फोन आया हो। कांग्रेस बार-बार उनका अपमान करती है। कभी चुनावों के नाम उन्हें अस्थाई रूप से उन्हें हटा देते हैं। हम अधीर बाबू के प्रति अपनी पूरी संवेदना व्यक्त करते हैं। ...जरा जोर से हंस लीजिए।