लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला इन दिनों केन्या और तंजानिया के दौरे पर भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने केन्या के उप राष्ट्रपति महामहिम रिगाथी गचागुआ से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने दोनों देशों के बीच व्यापारिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों के विस्तार और पीपल टू पीपल कॉन्टैक्ट को बढ़ाने के विषय पर भी चर्चा की।
इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने कहा कि, भारत और केन्या के ऐतिहासिक रूप से घनिष्ठ संबंध हैं। दोनों देशों ने उपनिवेशवाद के विरूद्ध संघर्ष किया है। भारत और केन्या आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में साझा दृष्टिकोण रखते हैं। लोकसभा अध्यक्ष ने शांति और विकास के लिए आतंकवाद को खत्म करने के सामूहिक प्रयासों के लिए आग्रह किया। संयुक्त राष्ट्र में भारत और केन्या के सहयोग का उल्लेख करते हुए उन्होंने ने वैश्विक मंचों पर दोनों देशों के बीच घनिष्ठ सहयोग का आह्वान किया। भारत की G20 अध्यक्षता का उल्लेख करते हुए, लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने भारत के G20 कार्यकाल की प्राथमिकताओं पर जोर दिया और आश्वासन दिया कि भारत G20 ढांचे में ग्लोबल साउथ के मुद्दों को शामिल करने का प्रयास करेगा। जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों पर ज़ोर देते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने कहा, भारत पहले ही अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन की पहल कर चुका है और नवीकरणीय स्रोतों से ऊर्जा के दोहन की दिशा में कार्य कर रहा है।
यात्रा के पहले दिन लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने अपने केन्याई मेज़बान मूसा मासिका वेतांगुला ई.जी.एच. अध्यक्ष, केन्या नेशनल असेंबली के साथ भी बैठक की। उन्होंने दोनों देशों के बीच विकासशील संबंधों में केंद्र बिंदु के रूप में संसद के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि भारत-केन्या संसदीय मैत्री समूह दोनों देशों के सांसदों के बीच घनिष्ठ संपर्क के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है।
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि, भारत दोनों देशों के बीच मजबूत संसदीय संबंधों को प्रोत्साहित करता है। दोनों देशों के बीच शीर्ष स्तर की यात्राओं से न केवल पारंपरिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा है, बल्कि संबंधों को मजबूत करने के नए अवसरों में भी मदद मिली है। इस दौरान लोकसभा अध्यक्ष ने केन्या गणराज्य के राष्ट्रपति के रूप में चुने जाने पर महामहिम विलियम रूटो को भी बधाई दी। लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने केन्या में रह रहे भारतीय मूल के लोगों का उल्लेख करते हुए कहा कि, भारतीय लोग केन्या के आर्थिक विकास में योगदान दे रहे हैं और दोनों देशों के बीच परस्पर लाभकारी और शांतिपूर्ण संबंध बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं ।
दोनो समुद्री पड़ोसियों के बीच ऐतिहासिक संबंधों पर चर्चा करते हुए लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने याद किया कि अपने समय में इब्न बतूता और अन्य व्यापारी भारत और पूर्वी अफ्रीका के बीच व्यापार करते रहे थे। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारत के सिख किसानों को केन्याई किसानों और व्यापारियों द्वारा अत्यंत परिश्रमी तथा समर्पित माना जाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारतीय कुशल कामगार आज के वैश्वीकृत बाजार में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं और दोनों देशों के आर्थिक विकास में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि केन्या से बड़ी संख्या में छात्र भारत में अध्ययन कर रहे हैं।
कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में भारत द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख करते हुए लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने कहा कि, कोविड के विरूद्ध भारत ने बढ़-चढ़ कर नेतृत्व किया और दुनिया भर के देशों को बड़ी संख्या में टीके उपलब्ध कराए। भारत ने महामारी के खिलाफ दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान भी सफलतापूर्वक चलाया और इसके लिए सम्पूर्ण विश्व भारत के कोविड प्रबंधन की सराहना करता है।
लोकसभा अध्यक्ष ने चिकित्सा पर्यटन में भारत और केन्या के बीच घनिष्ठ सहयोग पर भी जोर दिया। नवाचार, शोध और सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान के महत्व के बारे में बोलते हुए, उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के लिए संसदीय अनुसंधान और प्रशिक्षण संस्थान (प्राइड) दोनों संसदों के बीच उच्च स्तरीय ज्ञान साझा करने और घनिष्ठ संपर्क सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। दोनों संसद, दोनों देशों के बीच संबंधों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।