केंद्र सरकार ने सोमवार को आईएएस अधिकारियों को विदेश जाने के लिए अध्ययन अवकाश की मंजूरी देने की प्रक्रिया को युक्तिसंगत बनाया है। साथ ही राज्यों से ऐसे प्रस्तावों को आगे बढ़ाने से पहले कैडर और केंद्रीय प्रतिनियुक्ति, दोनों में पर्याप्त संख्या में नौकरशाहों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा है।
बता दें, संबंधित राज्य सरकार की ओर से भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारियों के लिए देश से बाहर अध्ययन अवकाश के लिए केंद्र सरकार की पूर्व अनुमति अनिवार्य है।
एक आधिकारिक आदेश में कहा गया है कि इस संदर्भ में यह जरूरत महसूस की गई कि राज्य के साथ-साथ केंद्र सरकार के स्तर पर समग्र संवर्ग प्रबंधन पर इस तरह के लंबे अध्ययन अवकाश के प्रभाव की एक व्यापक विवेचना की आवश्यकता है। इसमें कहा गया है कि आईएएस अधिकारियों के संबंध में देश से बाहर अध्ययन अवकाश की सिफारिश करते समय कैडर और केंद्रीय प्रतिनियुक्ति में पर्याप्त संख्या में आईएएस अधिकारियों की उपलब्धता पर विचार किया जाए।
सभी राज्य सरकारों के मुख्य सचिवों को जारी आदेश में कहा गया है कि यह सुनिश्चित करेगा कि अधिकारियों की कमी के कारण राज्य और केंद्र सरकार का कामकाज प्रभावित न हो। साथ ही यह आग्रह किया गया है कि विदेश में अध्ययन अवकाश के प्रस्तावों की सिफारिश करते वक्त राज्य सरकारें उन आईएएस अधिकारियों का जानकारी दें जो पिछले दो सालों के दौरान ऐसी छुट्टियों से वापस लौटे हैं और अध्ययन अवकाश के दौरान हासिल अनुभव के अनुसार उन्हें दी गई तैनाती का भी जिक्र किया जाए।