संसद के मानसून सत्र से पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने रविवार को संसद परिसर का दौरा कर स्वास्थ्य सुरक्षा उपायों और तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान जो भी कमियां दिखाई दी उन्हें तत्काल दूर करने को कहा। उन्होंने सबसे पहले प्रवेश द्वार का निरीक्षण किया और वहां लगाए गए थर्मल कैमरा की कार्यप्रणाली को समझा। उन्होंने प्रवेश द्वार पर तैनात हर कर्मचारी को सैनिटाइजर उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभा कक्ष, कॉरीडोर, इनर लॉबी, आउटर लॉबी, वेटिंग हॉल, मीडिया स्टैंड और अन्य स्थानों का भी निरीक्षण किया।
निरीक्षण के बाद लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि संसद का मानसून सत्र विपरीत परिस्थितियों में आयोजित किया जा रहा है। मानसून सत्र के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के माकूल इंतजाम किए गए हैं। केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों और विशेषज्ञ संस्थानों के सुझावों का पालन करते हुए सभी स्थानों पर सैनिटाइजेशन और अन्य व्यवस्थाएं माकूल रहें, यह सुनिश्चित किया गया है। बिड़ला ने विश्वास जताया कि सदन का संचालन निर्बाध और व्यवस्थित रूप से होगा और सभी दलों के सहयोग से संसद पूर्व की भांति कार्य उत्पादकता हासिल करने में सफल रहेगी।
बिड़ला ने बताया कि सत्र से पहले सभी सांसदों और उनके परिजनों का कोविड टेस्ट करवाया गया। सभी सांसदों को सैनिटाइजर, मास्क, ग्लव्ज सहित अन्य स्वास्थ्य सुरक्षा सामग्री की किट भेजी गई है। संसद के सभी अधिकारियों-कर्मचारियों की भी जांच कराई गई है। सत्र की पूरी अवधि के दौरान परिसर में जांच की सुविधा रहेगी। यदि किसी को स्वास्थ्य संबंधी शिकायत होती है तो उनके उचित उपचार की पूरी व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि परिसर में एक नियंत्रण कक्ष लगातार सेवारत रहेगा जो सांसदों की कोविड -19 संबंधी जरूरतों का निवारण करेगा।
इससे पहले बिड़ला ने रविवार सुबह संसदीय सौध में बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने बताया कि बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि असाधारण परिस्थितियों में स्वास्थ्य संबंधी प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सत्र के दौरान विधायी विषयों पर अधिक से अधिक सार्थक और सकारात्मक चर्चा हो। सभी दलों ने विधायी कार्यों व अन्य विषयों में अधिकतम सहयोग के लिए आश्वस्त किया है। सभी सांसद संवैधानिक दायित्वों की पूर्ति के लिए कटिबद्ध हैं।