लोकसभा की कार्यवाही सुधारने के लिए स्पीकर द्वारा बनाए गए इस नियम का भाजपा ने स्वागत किया है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और पूर्व सांसद बिजय सोनकर शास्त्री ने कहा कि सांसदों को वेल में आकर विरोध करने का अधिकार दिया गया था। लेकिन कई बार इस अधिकार का दुरुपयोग किया जा रहा था। लेकिन इस नियम से सदन की उत्पादकता बढ़ेगी और जनहित के मुद्दे पर ज्यादा बहस होगी।
वहीं विपक्ष ने इस पर सधी हुई प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस पार्टी की सांसद रंजीता रंजन ने कहा कि संसद की गरिमा बढ़ाने के लिए जो भी कदम उठाए जाएं वे उसका स्वागत करती हैं। लेकिन यह नियम ऐसे समय में बनाया गया है जब हम सरकार के खिलाफ राफेल मामले पर जेपीसी गठित करने की मांग कर रहे हैं। भाजपा को यह बात भी ध्यान में रखना चाहिए कि विपक्ष में रहते हुए उसने सदन की गरिमा गिराने का सबसे ज्यादा काम किया है।
उन्होंने कहा कि वे स्पीकर या उनके फैसले पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहतीं हैं लेकिन वे यह उम्मीद भी अवश्य करती हैं कि इन नियमों को सत्ता पक्ष और विपक्ष के ऊपर एक समान रुप से लागू किया जाएगा और इनमें कभी कोई भेदभाव नहीं होगा।