चुनाव जब तक निपटते नहीं तब तक उम्मीदवारों के लिए उनका जायका तीखा ही रहता है। जीत गए तो स्वाद मीठा वरना कड़वा। अब कोलकाता के हलवाई अपने हुनर से इस चुनावी मौसम में रस घोलने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में इन दिनों विशेष तरह की मिठाइयां देखने को मिल रही हैं। बंगाल में चुनाव लड़ने वाले चारों प्रमुख दलों यानी तृणमूल कांग्रेस, कांग्रेस, सीपीएम और भारतीय जनता पार्टी के चुनाव चिन्हों वाली मिठाइयां बनाई गई हैं। चुनावी रस-रंग में डूबी हुई इन मिठाइयों को यहां के कारीगरों ने
'निर्वाचन मिष्टी' का नाम दिया है।
आगामी चुनावों का असर इन मिठाइयों पर साफ दिख रहा है। एक तरफ भाजपा के केसरिया रसगुल्लों पर हरा कमल खिल रहा है, तो दूसरी ओर कांग्रेस की मिठाइयों पर उनके चुनाव चिन्ह
पंजे का चित्र बना हुआ है। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की मिठाइयों पर हरी घास से दो फूल खिलते नजर आ रहे हैं। यानी, टीएमसी का चुनाव चिन्ह।
यहां के हलवाइयों ने बारीकी के साथ पश्चिम बंगाल में करीब तीन दशकों से भी ज्यादा समय तक राज करने वाली सीपीएम पार्टी को भी आगामी चुनावों के मीठे रस में घोल दिया है। मिठाइयों पर लाल हथौड़ा, हंसिया और तारा बना कर सीपीएम को उजागर किया गया है।
हलवाइयों ने यहां तमाम राजनीतिक दलों के साथ ही 'विक्ट्री संदेश' नाम की खास मिठाई बनाई है, जिस पर आकर्षक अंदाज में 'जय हो' उकेरा गया है।
चुनाव के ऐसे मीठे रंग से सराबोर तरह तरह की मिठाइयां देश के कड़क चुनावी माहौल में लोगों के बीच मिठास बिखेर रही हैं। मिठाई के साथ इस नए प्रयोग से जहां समर्थकों के बीच विभिन्न पार्टियों की 'निर्वाचन मिष्टी' खरीदने की होड़ लगी हुई है, वहीं इससे मिठाई कारोबार में बिक्री भी बढ़ी है। चलिए, कम से कम चुनाव के तनाव को मीठे के सहारे कम किये जाने के बहाने तैयार हो गए हैं।