देश भर के 1500 महिला स्वयंसेवी संगठन आगामी आम चुनावों में राजनीतिक दलों से महिलाओं को न्यूनतम 33 फीसदी सीटों पर खड़ा किए जाने की मांग करेंगे। साथ ही सभी दलों से अपने घोषणापत्र में राष्ट्रीय स्तर पर महिला सुरक्षा और महिला स्वास्थ्य को लेकर भी अलग से प्रावधान शामिल करने की भी मांग की जाएगी।
इसके लिए इन संगठनों ने नेशनल एलायंस फॉर वुमन और सेंटर फॉर सोशल रिसर्च के नेतृत्व में 11 सूत्री मांगों वाला एक संयुक्त मांग पत्र तैयार किया है। इन सभी का दावा है कि महिला अधिकारों पर अब आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। इसके तहत सबसे पहले महिला समूह बुधवार को दिल्ली में एक मंच पर महिला आरक्षण बिल को लेकर किए गए वादे को पूरा कराने की मांग उठाएंगे।
कार्यक्रम में रंजना कुमारी, आशा देवी, डॉ हमसा, बुलबुल दास और गौरी चौधरी प्रमुख वक्ता होंगी। रंजना कुमारी और बुलबुल चौधरी ने मंगलवार को कहा कि चार साल से बिल ठंडे बस्ते में पड़ा है। इसे लेकर महिला संगठनों का सयुंक्त दल पिछले दो साल से लगातार पंचायती राज में सक्रिय भूमिका निभा रहीं महिलाओं, विधायकों और सांसदों से बात कर समर्थन जुटा रहा है।