सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव व बसपा सुप्रीमो मायावती।
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उत्तर प्रदेश के लिए सपा और बसपा ने सीटों का बंटवारा कर लिया है। सूबे की कुल 80 सीटों में से सपा 37 और बसपा 38 सीटों पर लड़ेगी। बची 5 सीटें जिनमें से दो सीटें- अमेठी और रायबरेली कांग्रेस के लिए छोड़ी गई हैं। मथुरा, बागपत और मुजफ्फरनगर अजित सिंह की पार्टी राष्ट्रीय लोक दल के लिए छोड़ दी गई हैं।
आरक्षित सीटों पर बसपा का कब्जा
उत्तर प्रदेश में कुल 17 सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं। दोनों दलों के बीच सीटों के बंटवारे पर नजर डालें तो अनुसूचित जाति वाली सीटों पर बसपा को तरजीह मिली है। इन 17 में से बसपा को 10 और सपा को 7 सीटें हासिल हुई हैं।
गठबंधन वाली सीटों पर क्या हुआ?
उत्तर प्रदेश की तीन सीटों फूलपूर, कैराना और गोरखपुर पर सपा-बसपा के गठबंधन को बीते साल हुए उपचुनाव में जीत मिली थी। कैराना में रालोद उम्मीदवार ने समाजवादी पार्टी के टिकट पर लड़कर जीत का स्वाद चखा था। वहीं, गोरखपुर में निषाद पार्टी के प्रवीण निषाद एसपी के टिकट पर चुनाव में उतरे थे। फूलपुर में एसपी के नागेंद्र प्रताप सिंह पटेल जीते। ये सीटें भी समाजवादी पार्टी के खाते में गई हैं।
हाई प्रोफाइल सीटों पर बनी ये तस्वीर
इलाहाबाद, कानपुर, फैजाबाद और गाजियबाद सीटें सपा को दी गई हैं। वहीं, सहारनपुर बसपा के खाते में है। सुल्तानपुर, मेरठ, गाजीपुर, बुलंदशहर और आगरा में बसपा को टिकट मिला है। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से समाजवादी पार्टी का उम्मीदवार खड़ा होगा।