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वाम के आखिरी गढ़ में सेंध लगाने की तैयारी में भाजपा, मजबूत गठबंधन की तलाश

Thu, 21 Feb 2019 05:23 PM IST
ललित फुलारा चुनाव डेस्क, अमर उजाला
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अमित शाह
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भारतीय जनता पार्टी केरल में चुनाव पूर्व संभावित गठबंधन पर विचार कर रही है। गठबंधन के लिए भारतीय धर्म जन सेना के साथ भाजपा की बातचीत चल रही है। सूत्रों के मुताबिक, भारतीय धर्म जन सेना करीब आधा दर्जन सीटें मांग रही है। इस वजह से अभी गठबंधन पर सहमति नहीं बन पाई है। यह भी कहा जा रहा है कि अगर भारतीय धर्म जन सेना के साथ गठबंधन पर सहमति नहीं बनती है तो भाजपा सूबे में निर्दलीय प्रत्याशियों को अपना समर्थन दे सकती है। केरल में लोकसभा की 20 सीटें हैं। 2014 में भारतीय जनता पार्टी ने यहां अपने 18 प्रत्याशियों को मैदान में उतारा था लेकिन पार्टी के खाते में एक भी सीट नहीं आ पाई। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या भाजपा 2019 के आम चुनाव में वाम के आखिरी गढ़ में सेंधमारी कर पाएगी।
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महाराष्ट्र और तमिलनाडु में जहां भाजपा का शिव सेना और एआईएडीएमके के साथ गठबंधन हो चुका है। वहीं, पार्टी अब केरल और आंध्र प्रदेश के साथ ही पूर्वोत्तर राज्यों में गठबंधन की राह पर फोकस कर रही है। यह भी संभावना जताई जा रही है कि इन राज्यों में भाजपा चुनाव पूर्व या चुनाव के बाद गठबंधन पर भी विचार कर सकती है।

वहीं, भारतीय जनता पार्टी के सामने इस वक्त सबसे बड़ी समस्या यह भी है कि वह तिरुवनंतपुरम लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस सांसद शशि थरूर के खिलाफ किसे उतारे? इतना ही नहीं भाजपा के अलावा सूबे की सरकार को भी शशि थरूर के खिलाफ कोई मजबूत प्रत्याशी नजर नहीं आ रहा है। 2014 में शशि थरूर ने भाजपा के प्रत्याशी ओ राजगोपाल को 15,470 वोटों से हराया था। केरल वाम का आखिरी गढ़ है । सूबे में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं, संघ प्रचारकों और वाम दलों के कार्यकर्ताओं के बीच खूनी संघर्ष का इतिहास पुराना है। इसके अलावा सूबे में भाजपा का जनाधार भी उतना मजबूत नहीं है। ऐसे में भाजपा की नजरें सूबे में मजबूत गठबंधन तलाश रही हैं। इसके लिए भारतीय जनता पार्टी की केरल इकाई बातचीत में लगी हुई है।
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