लोकसभा चुनावों के मद्देनजर राजस्थान में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी और भारतीय जनता पार्टी ने एक साथ चुनाव लड़ने का फैसला किया है। रालोपा अध्यक्ष हनुमान बेनीवाल राज्य के पार्टी मुख्यालय में केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और राजस्थान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन लाल सैनी की मौजूदगी में इस गठबंधन में शामिल हुए। गुरूवार को हुए रालोपा और भाजपा के गठबंधन के बाद सीट बंटवारे की जानकारी भी दी गई।
पार्टियों के बीच हुए समझौते के मुताबिक राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी को एक सीट दी गई है, वहीं बाकी की 24 सीटों पर भाजपा चुनाव लड़ेगी। रालोपा अध्यक्ष हनुमान बेनीवाल नागौर संसदीय सीट से मैदान में उतरेंगे। नागौर में बेनीवाल का मुकाबला कांग्रेस की ज्योति मिर्धा से होगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि भाजपा राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के माध्यम से राज्य के जाट समुदाय के वोटों का फायदा उठाना चाहती है। गौरतलब है कि राजस्थान में जाटों का बड़ा वोट बैंक है, जिसपर रालोपा मजबूत पकड़ रखती है। विश्लेषकों के अनुसार भाजपा को बाड़मेर, जैसलमेर और राजसमंद लोकसभा सीटों पर इस गठबंधन का फायदा मिलेगा।
गठबंधन में शामिल होने के बाद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि उनकी पार्टी राजस्थान के अलावा दिल्ली और हरियाणा में भी भाजपा के लिए काम करेगी। बेनीवाल ने कहा कि पुलवामा हमले के बाद से ही पार्टी के युवाओं का दबाव बना हुआ था, इसलिए उन्होंने राष्ट्रहित को ध्यान में रखते हुए यह फैसला किया है। बेनीवाल ने कहा कि राजस्थान में कांग्रेस राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के साथ गठबंधन करना चाहती थी, लेकिन हमें 7 सीट देने को तैयार नहीं थी, इसलिए बात नहीं बन पाई।
(इनपुट-एएनआई)