कर्नाटक के युवा नेता तेजस्वी सूर्या, बंगलूरू दक्षिण सीट से भाजपा का टिकट मिलने के बाद से ही खूब चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर भी तरह तरह की बातें और दावे किए जा रहे हैं। इसी बीच फेसबुक, ट्विटर और वॉट्सएप पर तेजस्वी की एक तस्वीर वायरल हो रही है जिसमें वो हथियारों के साथ नजर आ रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि यह तेजस्वी की असली तस्वीर है और इसमें वो कई धारदार हथियारों पर पेंट कर नंबर लिख रहे हैं। इस फोटो के साथ उनके खिलाफ कई तरह की भड़काऊ बातें भी लिखी जा रही हैं।
क्या कहती है अमर उजाला की पड़ताल?
इस फोटो को लेकर अमर उजाला की पड़ताल में पता चला कि यह तस्वीर तो बिना छेड़ छाड़ के शेयर की जा रही है लेकिन इसके साथ जो संदेश लिखे जा रहे हैं वो पूरी तरह से गलत हैं। इन्हीं भड़काऊ संदेशों के कारण पूरे प्रकरण का संदर्भ बदल जा रहा है। फोटो को देख कर ऐसा लगता है जैसे तेजस्वी हथियारों का प्रदर्शन कर रहे हों, जबकि अमर उजाला की पड़ताल में कुछ और ही वाकया सामने आया है।
10 अक्तूबर 2016
2016 की आयुध पूजा दक्षिण भारत में 10 अक्तूबर को मनाई गई थी। बता दें कि आयुध पूजा दक्षिण भारत में नवरात्रि के दौरान मनाई जाने वाली एक परंपरा है जिसमें लोग हथियारों की पूजा करते हैं।
13 जुलाई 2017
तेजस्वी सूर्या की यह तस्वीर इकबाल नाम के व्यक्ति ने 13 जुलाई 2017 को सुबह 04:34 बजे ट्विटर पर शेयर की थी। तस्वीर के साथ व्यंग्यात्मक अंदाज में लिखा था--भाजपा के कर्नाटक यूथ विंग के महासचिव अपने 'राष्ट्र निर्माण' हथियारों के साथ।
14 जुलाई 2017
इसके अगले ही दिन यानी 14 जुलाई 2017 को तेजस्वी सूर्या ने खुद अपने ट्विटर अकाउंट से इकबाल के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए जवाब दिया कि यह उनके कॉफी एस्टेट की पुरानी फोटो है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यह आयुध पूजा के दौरान होने वाले हथियार पूजन परंपरा की तस्वीर है।
इसके बाद ये मामला यहीं खत्म हो गया, लेकिन बीते सोमवार जैसे ही भाजपा ने तेजस्वी सूर्या को बंगलूरू दक्षिण सीट का उम्मीदवार घोषित किया उसके बाद से कुछ लोग इस तस्वीर को फिर से शेयर करने लगे और यह वायरल होने लगी।
हालांकि अमर उजाला की पड़ताल के बाद अब यह साफ है कि तेजस्वी की ये तस्वीर 2016 में आयुध पूजा के दौरान खींची गई थी।