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हंसराज हंस गाना अच्छा गा सकते हैं, लेकिन जनता को गाना नहीं सुनना, उसे काम चाहिएः राजेश लिलोठिया

Thu, 25 Apr 2019 08:34 PM IST
Amit Digital अमित शर्मा, नई दिल्ली
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हंस राज हंस, राजेश लिलोठिया
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दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश लिलोठिया लोकसभा चुनाव 2019 में उत्तरी-पश्चिमी (सुरक्षित) सीट से कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार हैं। उनका मुकाबला भाजपा उम्मीदवार हंसराज हंस और आप के गूगन सिंह रंगा से है। संवाददाता अमित शर्मा ने उनसे मुलाकात की और प्रमुख मुद्दों पर उनकी राय जानी। पढ़ें वार्ता के प्रमुख अंश-

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सवाल : राजेश जी, आपका सीधा मुकाबला किससे है? और किन मुद्दों पर मतदान होने जा रहा है?
  
जवाब : दिल्ली की जनता के सामने दो स्पष्ट विकल्प हैं। एक तरफ कांग्रेस का 10 साल का केंद्र का शासन और दिल्ली में शीला सरकार का 15 साल का शासन है, और दूसरी तरफ भाजपा का पांच साल का शासन है। जनता समझदार है और मुझे उस पर पूरा भरोसा है। मुकाबले की बात पर मैं कहूंगा कि हंसराज सिंह गायक तो अच्छे हो सकते हैं, लेकिन वे नेता नहीं हैं। जबकि मैं दो बार विधायक रह चुका हूं, केंद्रीय टीम में सेक्रेटरी और बिहार का इंचार्ज रहा हूं, यूथ कांग्रेस अध्यक्ष जैसे पदों पर रहते हुए जनता की सेवा का लंबा राजनीतिक अनुभव है। जनता को गाना नहीं सुनना, उसे काम चाहिए और काम मैं दे सकता हूं। 

सवाल : भाजपा पूरी तरह नरेंद्र मोदी के नाम पर चुनाव ले जाने की कोशिश कर रही है। जबकि राहुल गांधी लगातार गरीबों को न्यूनतम आय और किसानों के लिए अलग बजट जैसी बात कर रहे हैं। आप क्या कहेंगे?
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जवाब : जनता ने पिछले पांच साल में हवा-हवाई बातों का किला देख लिया है। जबकि कांग्रेस लोगों को उनकी शिक्षा का हक, सूचना का हक, भोजन का हक देने के लिए काम करती रही है। अब हम लोगों को निश्चित आय देने की तरफ आगे बढ़ रहे हैं। देश ने देख लिया है कि कौन क्या कर सकता है। मुझे लगता है कि हमें जनता की समझ पर सबसे ज्यादा भरोसा करना चाहिए।  
 
सवाल : क्या आपको लगता है कि अगर आम आदमी पार्टी के साथ कांग्रेस का गठबंधन होता तो परिणाम बेहतर होता? 

जवाब : बिल्कुल नहीं। मैं पहले दिन से ही गठबंधन के खिलाफ था और आज भी खिलाफ हूं। आपको याद होगा कि मैंने आपसे ही कहा था कि अगर उनके 36 में से एक भी गुण हमसे मिलते तो हम गठबंधन कर लेते। केजरीवाल इस समय राजनीतिक धोखाधड़ी का दूसरा नाम बन चुके हैं जबकि कांग्रेस ने सेवा का एक विश्वसनीय रिकॉर्ड जनता के सामने पेश किया है। गठबंधन होने पर केजरीवाल की कमी छिप जाती। जीत होती तो उनकी, हार होती तो कांगेस के खाते में आती। मैं धन्यवाद दूंगा अपने केंद्रीय नेतृत्व को जिसने हमारी भावनाओं की कद्र की और गठबंधन के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया।

सवाल : गठबंधन होने-न होने के बीच जो स्थिति बनी, क्या आपको नहीं लगता कि जनता के बीच उससे गलत संदेश गया और उसका नुकसान हो सकता है? 

जवाब : मैं आपसे सहमत हूं। इससे काफी नुकसान हुआ है। दो महीने का महत्त्वपूर्ण समय इसके बीच गुजरा है जब हम अपने चुनाव प्रचार को एक नए स्तर पर ले जा सकते थे। फिलहाल, अब हम बचे समय में जनता तक पहुंचने की कोशिश करेंगे। हम 15 साल यहां शासन कर चुके हैं, एक-एक रग से वाकिफ हैं। हम चुनाव कवर कर लेंगे। 

सवाल : लगभग साल भर के भीतर ही आपको विधानसभा चुनाव में जाना है? उसके संदर्भ में इस चुनाव का परिणाम कितना मायने रखेगा? 

जवाब : मैं आपसे 100 फीसदी सहमत हूं। जिस तरह से हमारा वोट बैंक हमारे पास वापस आया है, यह तय हो गया है कि इस चुनाव में आप की हर सीट पर जमानत जब्त होने वाली है। इस जीत के साथ ही हम विधानसभा चुनाव में जीत की बुनियाद रखेंगे। और साल भर में दिल्ली में अपनी सरकार बनाएंगे। 
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सवाल : अरविंद केजरीवाल ने आज आप का घोषणा पत्र जारी किया है। उन्होंने कहा कि चुनाव में किसी को बहुमत नहीं मिलेगा और वे किसी भी गैर-भाजपाई सरकार को समर्थन देंगे? आप क्या कहेंगे? 

जवाब : 23 मई को ही चुनाव परिणाम आ जाएगा। इसलिए चुनाव के बाद की स्थिति पर उसके बाद ही रणनीति तय करेंगे। अभी तो फिलहाल पूरा ध्यान चुनाव पर है।

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