ओडिशा में चुनावी रैली के लिए पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हेलीकॉप्टर की तलाशी लेने वाले आईएएस अफसर मोहम्मद मोहसिन को निलंबित करने के चुनाव आयोग के आदेश पर केंद्रीय प्रशासनिक ट्रिब्यूनल (कैट) ने गुरुवार को रोक लगा दी है। उसने चुनाव आयोग और चार अन्य को नोटिस जारी किया है। मामले में 6 जून को अगली सुनवाई होगी।
कैट सदस्य (न्यायिक) केबी सुरेश ने आदेश में कहा है कि एसपीजी सुरक्षा प्राप्त वीवीआईपी को चुनाव प्रक्रिया के दौरान संरक्षण और सुरक्षा मिलनी चाहिए लेकिन यह नहीं कहा जा सकता कि वे कुछ भी और सबकुछ करने के हकदार होते हैं। कैट के मुताबिक अभी हम एसपीजी सुरक्षा प्राप्त लोगों के संबंध में गाइडलाइन में नहीं जाना चाहते लेकिन कानून का राज होना चाहिए।
कर्नाटक कैडर के अफसर को ओडिशा में चुनाव के लिए सामान्य प्रेक्षक के तौर पर तैनात किया गया था। संबलपुर में उन्होंने पीएम के हेलीकॉप्टर की तलाशी ले ली थी। उनको एसपीजी सुरक्षा प्राप्त वीवीआईपी के सुरक्षा के मानदंडों में उल्लंघन के आरोप में निलंबित किया गया था। ट्रिब्यूनल ने अफसर के वकील की दलील पर भी गौर किया। वकील ने कहा कि ऐसी खबरें थीं कि प्रधानमंत्री के काफिले से बड़े सामान उतारकर अन्य वाहनों से ले जाए जा रहे हैं।
चुनाव आयोग ने पलटा निलंबन आदेश
सूत्रों के मुताबिक चुनाव आयोग ने निलंबन आदेश पलट दिया है। हालांकि आयोग ने कर्नाटक सरकार से मोहसिन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की सिफारिश की है। साथ ही अगले आदेश तक अफसर के चुनावी ड्यूटी लगाने पर रोक लगा दी है।