हालांकि, कांग्रेस के एक नेता ने मायावती के बयान पर टिप्पणी करते हुए कहा कि लोकतंत्र में सपने देखने पर कोई प्रतिबंध नहीं है, लेकिन इस दौर की सच्चाई यह है कि देश की सरकार भाजपा या कांग्रेस की अगुवाई में ही बनेगी। नेता ने कहा कि कांग्रेस ने तो जनता में किसी तरह का शक खत्म करने के लिए ही सपा-बसपा के साथ गठबंधन करने की पहल की थी, लेकिन उनके इनकार के बाद हमें चुनाव में अकेले उतरना पड़ा।
वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुदेश वर्मा ने कहा कि मायावती खुद यूपी में आधी सीटों पर भी नहीं लड़ रही हैं और इसके बाद भी अगर वे सरकार बनाने की बात कह रही हैं तो यह हास्यास्पद है। क्या उनके सहयोगी समाजवादी पार्टी या गठबंधन का कोई नेता इसके लिए तैयार है? उन्होंने कहा कि कांग्रेस सहित पूरा विपक्ष जानता है कि इस बार नरेंद्र मोदी सरकार ज्यादा मजबूती के साथ वापसी कर रही है। इसलिए मायावती की सरकार बनाने की बातें चुनावी जुमलेबाजी, स्वयं और जनता को धोखा देने की कोशिश से अधिक और कुछ नहीं हैं।