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...तो मोदी सरकार की योजनाओं की काट के लिए राहुल लाए '12 हजार' आय का आइडिया

Tue, 26 Mar 2019 09:43 PM IST
अमित मंडल शशिधर पाठक, अमर उजाला, नई दिल्ली
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rahul gandhi - फोटो : पीटीआई
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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने देश के गरीब तबके के लिए बेसिक न्यूनतम आय का वादा कर सियासी मास्टर स्ट्रोक चल दिया है। दिलचस्प है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कृषि नीति के तहत करोड़ों किसानों के खाते में प्रधानमंत्री सम्मान निधि की दो-दो हजार रुपये की दूसरी किस्त पहुंचने के बाद ये घोषणा की गई है। आइए जानते हैं इस योजना के पीछे क्या है राहुल गांधी का अर्थ और इससे जुड़ा राजनीतिशास्त्र।
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किसने किया इसे डिजाइन? 

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी देश के गरीब और किसान तक कांग्रेस की बात पहुंचाना चाहते थे। कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किसान सम्मान निधि के तहत दिए जाने वाले छह हजार रुपये सालाना की भी जोरदार खिल्ली उड़ाई थी। कांग्रेस के सामने दूसरी चुनौती प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा द्वारा आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना जैसी गरीबोन्मुखी योजनाओं के प्रचार की काट ढूंढ़ना भी था। लिहाजा कांग्रेस अध्यक्ष की टीम ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना की तरह ही लोगों की न्यूनतम बेसिक आय तय करने का फॉर्मूला खोज निकाला।

खुद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का कहना है कि वह और कांग्रेस पार्टी की अर्थशास्त्रियों की टीम इस पर पिछले चार-पांच महीने से काम कर रही है। इस योजना का खाका पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पूर्व केन्द्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम की देख-रेख में तैयार हुआ है। माना जा रहा है कि ज्यां द्रेज समेत कुछ समाज में माइक्रो इकोनॉमिक्स को जनसेवा से जोड़कर काम कर रहे लोगों की भी सहायता ली गई है। वैसे भी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का अर्थशास्त्र निचले स्तर तक पैसे की तरलता बनाए रखने से जुड़ा है।
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कांग्रेस पार्टी के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि आप यूपीए-1 को मत भूलिए। मनरेगा और फिर किसानों का 70 हजार रुपये तक का कर्जा माफ करने से गांव में गरीबों तक पैसा पहुंचा। लोगों की जेब में खर्च करने की ताकत आई और इसका लाभ बाजार, उद्योग जगत सभी को मिला।

क्या है राहुल गांधी का गणित? 

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि अगर उनकी सरकार आई तो देश के गरीबों की बेसिक आय तय की जाएगी। यह आय 12 हजार रुपये मासिक प्रति परिवार होगी। जिस परिवार की आय 12 हजार रुपया महीना से कम होगी, उसमें उतनी धनराशि जोड़कर उसे 12 हजार रुपये तक पहुंचाएगी। किसी परिवार की आय 8 हजार रुपया महीना है तो उसे बेसिक आय को पूरा करने के लिए सरकार से चार हजार रुपये मिलेंगे।

इस तरह से कांग्रेस पार्टी ने अनुमान लगाया है कि औसतन पांच करोड़ गरीब परिवार की आय छह हजार रुपया महीना है और उन्हें साल भर में इस तरह से 72 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी। कांग्रेस पार्टी एक परिवार में पांच लोगों की संख्या को मानकर चल रही है। इस योजना की भूमिका में है कि जिस परिवार की आय 12 हजार रुपये से कम होगी, उसे इसका लाभ मिलेगा और जैसे ही आय 12 हजार रुपये को पार करेगी, परिवार इससे वंचित हो जाएगा। यानी वह परिवार गरीबी से बाहर निकल आया है। 
  
 
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कांग्रेस ने कहा- लोगों को निकम्मा नहीं बना रहे हैं

कांग्रेस के नेताओं से यह पूछने पर कि क्या वह देश के गरीब, मजदूर को बिना काम किए पैसा देकर निकम्मा बनाना चाहते हैं? कांग्रेस पार्टी के एक महासचिव ने कहा निकम्मा कौन बना रहा है। उनका कहना है कि यह गरीब परिवार मजदूरी से लेकर तमाम तरह के अपने काम कर रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी यही तर्क दिया। उनका भी कहना है कि जिसे यह धनराशि दी जाएगी, वह अपना काम कर रहा है। हमारा उद्देश्य उनके जीवन स्तर को ऊपर उठाना है। गरीबी से बाहर निकालना है।

पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव से निकली थी राह

बताते हैं पाच राज्यों के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में किसानों का कर्जा माफ करने का वादा किया था। इसका असर साफ देखा गया। इधर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन राज्यों में सरकार के गठन के बाद केन्द्र सरकार की सामाजिक और गरीबों, किसानों से जुड़ी योजना को तेजी से आगे बढ़ाना शुरू किया। सूत्र का कहना है कि इसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष ने तेजी से बैसिक आय से जुड़ी महत्वाकांक्षी योजना का खाका तैयार करने पर जोर दिया। इसके लिए उन्होंने बाकायदा पिछले कुछ दिन से अपनी जनसभाओं के माध्यम से राजनीतिक वातावरण भी तैयार किया।

इतना ही नहीं पिछले छह महीने से कांग्रेस पार्टी ने प्रधानमंत्री और भाजपा द्वारा किए गए वादे को खोखला साबित करने पर काम किया। बेरोजगारी, राम मंदिर जैसे तमाम मुद्दों पर पार्टी ने कभी सीधा तो कभी परोक्ष हमला किया। 2014 के लोकसभा चुनाव प्रचार के क्रम में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 15 लाख रुपये देश के हर नागरिक के बैंक खाते में जमा कराने वाले वादे को इसका मुख्य आधार बनाया। किसानों की आय दो गुनी करने, लागत घटाने पर हमला किया।
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