लोकसभा चुनाव की घोषणा होने वाली है। भाजपा अब 'किसानों के मन की बात-मोदी के साथ' शुरु करने जा रही है। इस कार्यक्रम के जरिए किसानों से उनकी समस्याएं पूछी जाएंगी। कोई सुझाव मिलता है तो वह भी लिया जाएगा। इसके बाद किसान संकल्प पत्र तैयार होगा। यह जानकारी भाजपा किसान मोर्चे के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह मस्त ने दी।
उन्होंने किसानों के खर्चे भी बता दिए। जब उनसे सवाल किया गया कि किसानों के लिए छह हजार रुपये की राशि तो बहुत कम है, तो अलग ही जवाब मिला। उन्होंने कहा कि किसान के खर्चे रोज नहीं होते, कार्तिक और आषाढ़ में ही जरुरत होती है। शनिवार को अपने आवास पर वीरेंद्र सिंह मस्त ने कहा, हमने किसानों को साफ-साफ बता दिया है कि तुम हमें सुझाव दो-समर्थन दो, हम तुम्हें सुराज देंगे।अगले सप्ताह किसान संकल्प पत्र तैयार कर उसे किसानों के लिए सार्वजनिक कर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का फायदा दो हेक्टेयर से कम जोत वाले किसानों को मिल रहा है। योजना के तहत सरकार किसानों को 6,000 रुपये सालाना की न्यूनतम आय देगी। यह राशि तीन किस्तों में किसानों के खाते में ट्रांसफर होगी। इस बीच उनसे सवाल किया गया कि कांग्रेस पार्टी कह रही है, यह राशि तो बहुत कम है। यह तो किसानों के साथ मजाक है। यदि परिवार में कई सदस्य हैं तो रोजाना दो-तीन रुपये ही हिस्से आते हैं। इसमें रोजाना के खर्चे कैसे पूरे होंगे?
इस बात पर मस्त बोले, कौन कह रहा है कि किसान के खर्चे रोज होते हैं। साल में केवल दो बार ही किसान के खर्चे होते हैं। कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए मस्त ने कहा, उसने किसानों को 60 साल में 6 पैसे नहीं दिए, हमने छह हजार तो रुपये दिए हैं। अब वह पार्टी जनता को यह कहते हुए गुमराह कर रही है कि भाजपा सरकार ने किसानों के साथ मजाक किया है। यह राशि तो बहुत कम है। कांग्रेस पार्टी ने किसानों के लिए कुछ नहीं किया। भाजपा कुछ कर रही है तो वे उसमें कमियां निकालकर अपनी खीझ मिटा रहे हैं।
गन्ना किसानों के बकाया भुगतान को लेकर किसान मोर्चे के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा, काफी हद तक भुगतान हो गया है।केंद्र सरकार ने कुछ राशि और जारी कर दी है।किसी भी गन्ना किसान का एक भी पैसा बकाया नहीं रहेगा।
विरोधी पार्टियों की सरकारें नहीं दे रही किसानों का साथ
वीरेंद्र सिंह मस्त ने कहा कि जिन राज्यों में विपक्ष की सरकार है, वहां प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को ठीक तरह से लागू नहीं किया जा रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी किसानों की समस्याओं को लेकर गंभीर हैं। किसानों के हितों के लिए कई योजनाएं लागू कर दी गई हैं, जबकि कुछ अभी पाइप लाइन में हैं।
उन्होंने कहा कि अब किसानों के सुझाव लिए जा रहे हैं। वे बताएं कि उनकी दिक्कतें क्या हैं। खाद, बीज, पानी, बिजली, भंडारण, फसलों का दाम और मंडियों से संबंधित जो कुछ भी वे बताना चाहते हैं, खुलकर बोलें। उनके सुझावों के आधार पर ही किसान संकल्प पत्र तैयार किया जाएगा।