मध्य प्रदेश की 29 लोकसभा सीटों के लिए अप्रैल-मई में होने वाले चुनाव में सभी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) की ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) से पहली बार ट्रैकिंग होगी। मध्यप्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी वी एल कांता राव ने संवाददाताओं को बताया कि आगामी लोकसभा चुनाव में मध्य प्रदेश में ईवीएम मशीनों की जीपीएस से ट्रैकिंग होगी।
उन्होंने कहा कि ईवीएम मशीनें ले जाने वाली गाड़ियों पर जीपीएस सिस्टम लगाया जाएगा। जीपीएस पहली बार लगाया जाएगा। प्रदेश के हर जिले में 66 ऐसे वाहन होंगे।
राव ने बताया कि लोकसभा निर्वाचन के दौरान मतदान दलों को मतदान केन्द्र तक लाने और ले जाने में प्रयोग होने वाले वाहन, सेक्टर मजिस्ट्रेट द्वारा मतदान के दिन अपने वाहनों में रिजर्व ईवीएम मशीनों का परिवहन और मतदान उपरान्त रिजर्व मशीनों को जिलों से राज्य स्तरीय वेयरहाउस तक लाने वाले वाहनों पर जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम लगाया जाएगा, जिससे वाहनों की लोकेशन ली जा सके।
उन्होंने कहा कि वाहनों के ट्रैकिंग हेतु प्रत्येक जिला मुख्यालय पर कन्ट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा तथा वाहनों की निरंतर लोकेशन मॉनिटर की जाएगी।
राव ने बताया कि 10 मार्च को आचार संहिता लगने के बाद से लेकर 21 मार्च तक की अवधि में पुलिस, आबकारी विभाग व नारकोटिक्स विभाग ने 7,60,84,472 रुपये मूल्य की सामग्री और नकदी जब्त की है। इसमें 2,79,94,424 रुपये की 17,216 लीटर अवैध शराब, 14,07,800 रुपये के 198 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ एवं 3,10,69,522 रुपये नगदी शामिल हैं।
मध्य प्रदेश की 29 लोकसभा सीटों के लिए चार चरणों 29 अप्रैल, 6 मई, 12 मई व 19 मई को मतदान होगा।