58 साल बाद गुजरात में बैठक
गुजरात में पार्टी की इस सर्वोच्च इकाई की बैठक 58 साल बाद हो रही है। इससे पहले वर्ष 1961 में भावनगर में बैठक हुई थी। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार बैठक के लिए गुजरात इसलिए चुना गया क्योंकि पार्टी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की भूमि से पूरे देश को मजबूत राजनीतिक संदेश देना चाहती है। अहमदाबाद के सरदार वल्लभ भाई पटेल नेशनल मेमोरियल थिएटर में बैठक शुरू होने से पहले पार्टी के शीर्ष नेताओं ने साबरमती गांधी आश्रम में प्रार्थना सभा में भाग भी लिया।
महासचिव बनने के बाद पहली सभा में बोलेंगी प्रियंका
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी आएंगी। वे बैठक के बाद यहां गांधीनगर के अदलाज में आयोजित जनसभा को भी संबोधित करेंगी। सक्रिय राजनीति में आने के बाद यह पहली जनसभा होगी, जिसे वे संबोधित करेंगी। इस दौरान सोनिया गांधी और मनमोहन सिंह भी उपस्थित रहेंगे।
नोटबंदी प्रमुख मुद्दा
कांग्रेस नेता जयराम रमेश का कहना है कि बैठक में नोटबंदी और बैंकिंग सेक्टर पर मोदी सरकार का प्रहार, यह सबसे प्रमुख मुद्दा रहने वाला है। नोटबंदी का नकारात्मक प्रभाव समाज के किन लोगों पर पड़ा है, आरबीआई को बर्बाद करने की साजिश और नोटबंदी जैसे बड़े घोटाले की मदद से सरकार में बैठे लोगों ने किस तरह से फायदा उठाया, इन सब बातों को सिलसिलेवार तरीके से बैठक में रखा जाएगा।
उन्होंने कहा, कांग्रेस पार्टी को सत्ता मिलती है तो आरबीआई की पूर्ण स्वायत्तता और स्वतंत्रता को दोबारा से वापस लाया जाएगा, इस मसले पर पार्टी से जुड़े अर्थशास्त्रियों ने एक विस्तृत ड्राफ्ट तैयार किया है, इसे भी मंजूरी के लिए सीडब्ल्यूसी में रखे जाने की योजना है। साथ ही देश में पिछले पांच साल में बेरोजगारी ने जो विकराल रूप धारण किया है, चुनाव प्रचार में लोगों को यह जानकारी दी जाए, यह भी सीडब्ल्यूसी के एजेंडे में शामिल है।
(इनपुट-भाषा)