राष्ट्रवाद पर पुराना और कठोर रुख
घोषणा पत्र में राष्ट्रवाद से जुड़े मामले, राम मंदिर, अनुच्छेद 370, समान नागरिक संहिता पर पुराना और कठोर रुख अपनाया जाएगा। इसके तहत राम मंदिर निर्माण के लिए निर्णायक कोशिश करने, समान नागरिक संहिता बहाल करने और अनुच्छेद 370 खत्म करने का वादा किया जाएगा। अयोध्या, मथुरा, काशी हेरिटेज कॉरिडोर शुरू करने का वादा भी किया जाएगा। जबकि शहीद के परिवारों को सरकारी नौकरी देने का वादा किया जाएगा।
पांच साल की उपलब्धियों का जमकर बखान
सरकार की पांच साल की उपलब्धियों मसलन ओबीसी आयोग को सांविधानिक दर्जा देने, सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण, आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई, उज्जवला, जनधन की सफलता, ओआरओपी, किसान सम्मान योजना, हर गांव में बिजली, स्टार्ट अप योजना के तहत लाखों लोगों को स्वरोजगार शुरू करने का अवसर देने का विस्तार से जिक्र होगा।
तीन तरह से आए सुझाव
घोषणा पत्र के लिए पार्टी ने तीन तरीके से सुझाव हासिल किए। इसके तहत देश भर में 7500 सुझाव पेटियां लगाई गईं। इसके अलावा 306 रथों और सोशल मीडिया, ई-मेल की सहायता से लाखों लोगोंं के सुझाव हासिल किए गए।
बीते चुनाव में राम मंदिर पर था विवाद
बीते चुनाव में संकल्प पत्र समिति के मुखिया मुरली मनोहर जोशी थे। तब पार्टी में एक तबका राम मंदिर का जिक्र न करने पर तुला था। इस वर्ग का कहना था कि देश विकास व यूपीए के भ्रष्टाचार के खिलाफ मतदान कर रहा है। ऐसे में इस मुद्दे को हवा देने की जरूरत नहीं है।
शिक्षा ऋण के लिए लाएंगे एकल खिड़की : राहुल
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में आई तो शिक्षा ऋण के लिए एकल खिड़की योजना लागू करेगी। साथ ही एक कानून लाएगी जिसमें छात्रों के अधिकारों और कर्त्तव्यों को सूचीबद्ध किया जाएगा। राहुल ने फेसबुक पर एक पोस्ट में ये बातें कही हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार देशभर के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले पहली से 12वीं कक्षा तक के बच्चों की मुफ्त शिक्षा सुनिश्चित करेगी। इसके अलावा कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता बरकरार की जाएगी और पिछड़े इलाकों में नए विश्वविद्यालय खोले जाएंगे। कांग्रेस अध्यक्ष ने 31 मार्च, 2019 से पहले जारी शिक्षा ऋणों पर बकाया ब्याज माफ करने का भी वादा किया है।