हरियाणा की राजनीति में दशकों तक छाए रहने वाले तीनों लाल यानी देवीलाल-भजनलाल-बंसीलाल आज भले ही लोगों के बीच नहीं हैं, मगर उनकी विरासत को आगे बढ़ाने वाले, भाजपा के सामने एक बड़ी चुनौती पेश कर रहे हैं। नतीजा, भाजपा 'लाल' परिवारों के सामने नए चेहरे तलाशने के लिए मजबूर हो गई है।
इस बार के लोकसभा चुनाव में 'लाल' परिवारों के एक से ज्यादा सदस्य चुनाव मैदान में उतरकर सत्तापक्ष की मुसीबत बढ़ा सकते हैं। हालांकि प्रदेश की राजनीति में दो परिवार और भी हैं, जो अपनी विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के पुत्र दीपेंद हुड्डा और चौ. दलबीर सिंह की पुत्री कुमारी शैलजा भी भाजपा को बड़ी चुनौती दे रहे हैं।
प्रदेश की 10 में से पांच-छह सीटों पर इन राजनीतिक परिवारों का प्रभाव माना जाता है। देवीलाल परिवार का दबदबा हिसार और सिरसा में ज्यादा रहा है। हालांकि इस परिवार के सदस्य अब इन लोकसभा क्षेत्रों से बाहर निकलने लगे हैं। मौजूदा राजनीतिक हालात में दुष्यंत चौटाला जो कि अजय चौटाला के पुत्र हैं, वे हिसार से सांसद हैं।
ओमप्रकाश चौटाला और उनके बड़े बेटे अजय चौटाला तिहाड़ जेल में हैं। छोटे बेटे अभय चौटाला अपने भतीजों दुष्यंत और दिग्विजय चौटाला के साथ भारतीय राष्ट्रीय लोकदल को संभाल रहे थे। जींद उपचुनाव से पहले पार्टी दो फाड़ हो गई। अजय चौटाला ने अपने बेटे दुष्यंत और दिग्विजय के साथ मिलकर 'जननायक जनता पार्टी' (जजपा) बना ली। लोकसभा चुनाव में संभव है कि दुष्यंत, दिग्विजय और इनकी मां नैना चौटाला भी किसी सीट से ताल ठोकें।
जींद उपचुनाव में जजपा ने भाजपा को जिस तरह की कड़ी टक्कर दी, उससे राजनीतिक दल हैरत में पड़ गए थे। हिसार, भिवानी-महेंद्रगढ़ और सोनीपत सीट पर इस लाल परिवार से कोई सदस्य चुनाव मैदान में उतर सकता है। फिलहाल भिवानी-महेंद्रगढ़ और सोनीपत सीट भाजपा के कब्जे में हैं, लेकिन अब इन दोनों जगह पर नए प्रत्याशी तलाशे जा रहे हैं।
यह तय है कि जजपा के चौटाला परिवार से अगर कोई सदस्य भिवानी-महेंद्रगढ़ सीट से चुनाव लड़ने के लिए आता है तो मौजूदा भाजपा सांसद धर्मवीर की राह मुश्किल हो जाएगी। इसी तरह सोनीपत सीट पर भी दिग्विजय चौटाला चुनाव मैदान में आ सकते हैं। यहां से मौजूदा भाजपा सांसद रमेश कौशिक की टिकट कटने के आसार हैं।
यहां से भाजपा ओलम्पिक मेडल विजेता पहलवान योगेश्वर दत्त को टिकट दे सकती है। सिरसा से भाजपा इस बार गायक हंसराज हंस को टिकट देने का मन बना रही है। यहां पर भी चौटाला परिवार का खासा दबदबा रहा है।