दरअसल, लोकसभा चुनाव की मतगणना खत्म होने के बाद केंद्रीय चुनाव आयोग निर्वाचित उम्मीदवारों की अधिसूचना जारी करेगा। इसके बाद नवनिर्वाचित सांसदों का राजधानी दिल्ली आना शुरू हो जाएगा। उनकी यात्रा से पहले लोकसभा सचिवालय के नोडल अधिकारी उनसे संपर्क करेंगे और दिल्ली पहुंचने पर एयरपोर्ट या रेलवे स्टेशनों पर उनका स्वागत करेंगे। इसके लिए लोकसभा सचिवालय विभिन्न टर्मिनलों पर विशेष स्वागत केंद्र भी बनवा रहा है।
नए सांसदों के हवाई, रेल या सड़क मार्ग से दिल्ली पहुंचने पर निर्धारित स्थानों पर स्वागत किया जाएगा। इसके बाद उन्हें संसद भवन के एनेक्सी एक्सटेंशन बिल्डिंग में लाया जाएगा, जहां उनका फिर से स्वागत किया जाएगा। यहां सांसदों को फोन कनेक्शन, नए बैंक खाते, संसद भवन में स्मार्ट एक्सेस कार्ड, उनके वाहनों के लिए फास्टैग स्टिकर और राजनयिक पासपोर्ट समेत कई दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएंगे।
जानकारी के अनुसार, लोकसभा सचिवालय ने नए सांसदों के पंजीकरण प्रक्रिया को पूरी तरह से पेपरलेस और तकनीक आधारित बनाया है। नवनिर्वाचित सदस्यों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया ऑनलाइन एकीकृत सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन के माध्यम से की जाएगी। पंजीकरण प्रक्रिया 5 जून से 14 जून के बीच जारी रहेगी और शनिवार-रविवार को भी रजिस्ट्रेशन जारी रहेगा। केरल के कोल्लम सीट से सांसद चुने गए एनके प्रेमचंद्रन ने 18वीं लोकसभा के लिए सबसे पहले रजिस्ट्रेशन करवाया है। प्रेमचंद्रन ऐसे सांसदों में शामिल हैं, जो लोकसभा में होने वाली हर चर्चा में हिस्सा लेते हैं।
पहली बार चुने गए सांसद या ऐसे सांसद जो एक अंतराल के बाद फिर से निर्वाचित होकर पहुंचे हैं, उनके दिल्ली में विभिन्न राज्यों के सरकारी गेस्ट हाउस और वेस्टर्न कोर्ट हॉस्टल परिसर में ठहरने की व्यवस्था की जाएगी। फिर उन्हें आवास भी आवंटित किया जाएगा। इसके अलावा निर्वाचित सांसदों को संविधान, लोकसभा के नियम और प्रक्रिया और कामकाज का संचालन और हैंडबुक समेत अन्य प्रकाशनों का एक सेट भी दिया जाएगा।