राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एससीपी) ने लोकसभा चुनाव को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी राज्य की 50 प्रतिशत से अधिक लोकसभा सीटें जीतेगी। महाराष्ट्र के अहमदनगर में पत्रकारों को संबोधित करते हुए पवार ने कहा कि कुछ सीटों को लेकर इंडी गठबंधन के दलों में खींचतान जरूर है लेकिन इस पर ध्यान देने का मतलब नहीं है। व्यापक रूप से गठबंधन के सभी नेताओं का लक्ष्य एक ही है कि वे अधिक से अधिक सीटें जीतें, जिससे राज्य में एक स्थिर सरकार बनाई जा सके। उन्होंने भाजपा के अबकी बार- 400 पार वाले नारे को गलत बताया है।
पुणे में पवार बोले- राम मंदिर पर अब कोई चर्चा नहीं कर रहा
वहीं, एक दिन पहले पुणे जिले के पुरंदर में पत्रकारों से बात करते हुए पवार ने कहा था कि अयोध्या में राम मंदिर के मुद्दे पर अब कोई चर्चा नहीं कर रहा है। भाजपा को लोकसभा चुनाव में इसका कोई लाभ नहीं मिलने वाला है। राम मंदिर का मुद्दा अब खत्म हो गया है। उन्होंने कहा कि एक बैठक में कुछ महिलाओं ने शिकायत की और बताया कि वहां भगवान राम की मूर्ति तो प्रतिष्ठित कर दी गई है लेकिन माता सीता को प्रतिष्ठित नहीं किया गया है।
पवार की टिप्पणियों पर भाजपा की प्रतिक्रिया
अब जाने चुनाव की स्थिति
गौरतलब है कि राज्य में 48 लोकसभा सीटें हैं। सीट बंटवारा समझौते के अनुसार, उद्धव गुट की शिवसेना 21 सीटों पर, कांग्रेस 17 सीटों पर और एनसीपी 10 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। तीनों पार्टियां विपक्षी इंडी गठबंधन में भी शामिल हैं।
इन सीटों पर चुनाव लड़ेगी शिवसेना (यूबीटी): जलगांव, परभणी, नासिक, पालघर, कल्याण, ठाणे, रायगढ़, मावल, उस्मानाबाद, रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग, बुलढाणा, हथकनंगकाले, औरंगाबाद, शिरडी, सांगली, हिंगोली, यवतमाल-वाशिम, मुंबई साउथ, मुंबई साउथ सेंट्रल, मुंबई नॉर्थ वेस्ट और मुंबई नॉर्थ ईस्ट।
कांग्रेस इन सीटों पर ठोकेगी ताल: नंदुरबार, धुले, अकोला, अमरावती, नागपुर, भंडारा-गोंदिया, गढ़चिरौली-चिमूर, चंद्रपुर, नांदेड़, जालना, मुंबई उत्तर मध्य, मुंबई उत्तर, पुणे, लातूर, सोलापुर, कोल्हापुर और रामटेक।
राकांपा (शरद गुट) के हिस्से ये सीटें: बारामती, शिरूर, सतारा, भिवंडी, डिंडोरी, माधा, रावेर, वर्धन, अहमदनगर दक्षिण और बीड।