दिल्ली में इस शनिवार 25 मई को लोकसभा चुनावों के लिए वोट डाले जाएंगे। इस दिन पूरी दिल्ली में सभी दुकानों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है, जिससे दुकान मालिक और कर्मचारी अपने-अपने वोट डाल सकें। यदि किसी दुकानदार ने मतदान के दिन भी दुकान खोली, तो उसे इसके बदले में कर्मचारियों को वेतन के साथ-साथ एक दिन का अतिरिक्त अवकाश देना पड़ेगा। व्यापारियों के संगठन सीटीआई ने चुनाव को देखते हुए यह निर्णय लिया है।
व्यापारियों के शीर्ष संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) के चेयरमैन बृजेश गोयल ने अमर उजाला से कहा कि व्यापारियों और सभी मार्केट एसोसिएशन ने मिलकर यह निर्णय लिया है कि लोकसभा चुनाव के मद्देनजर शनिवार को सभी दुकानों को बंद रखा जाएगा। किसी कारण से कुछ दुकानें खुली रहती हैं, तो इसके बदले में उन्हें कर्मचारियों को एक दिन का सवैतनिक अवकाश देना पड़ेगा। इसके साथ-साथ कर्मचारियों को वोट डालने के लिए भी समय देना होगा। यह नियम औद्योगिक सेक्टर में भी लागू रहेगी।
गोयल ने कहा कि सीटीआई की ओर से सभी व्यापारियों को संदेश दिया गया है कि किसी कर्मचारी या स्टाफ की सैलरी न काटी जाए। चुनाव आयोग और लेबर डिपार्टमेंट ने भी इलेक्शन में वोट डालने के लिए कर्मचारियों और स्टाफ को पेड होली डे देने का निर्देश दिया है। इस संदर्भ में दिल्ली के मार्केट एसोसिएशन के पदाधिकारियों से भी चर्चा हुई है। उन्होंने कहा कि 25 मई को दिल्ली के थोक बाजारों समेत सभी 700 बाजार पूरी तरह बंद रहेंगे।
राज्य सरकार के श्रम विभाग ने आदेश भी जारी किया है, जिसमें जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 135 बी प्रावधान के अनुसार किसी भी व्यवसाय, व्यापार, औद्योगिक उपक्रम या किसी अन्य प्रतिष्ठान में कार्यरत प्रत्येक व्यक्ति को लोकसभा या विधानसभा चुनाव में वोटिंग का अधिकार है। उसे मतदान के दिन छुट्टी दी जाएगी। आदेश में यह भी कहा है कि ऐसे कर्मचारियों पर धारा 135 बी लागू नहीं है, जिसकी अनुपस्थिति से संबंधित कार्य को खतरा या उसमें भारी नुकसान होता हो।