लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां शुरू हो गई है। इसी के साथ बाजारों में भी चुनावों को लेकर हलचल तेज हो चली है। गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली और एमपी के कपड़ा बाजार में झंडे, टोपी, गमछा और साड़ी की ऑर्डर मिलने लगे हैं। मध्य प्रदेश और गुजरात में टोपी और झंडे का बड़ा कारोबार है। अब तक सूरत के व्यापारियों को 50 लाख से अधिक झंडे-टोपी, गमछे के ऑर्डर मिल चुके हैं। जबकि राज्यों के व्यापारी संगठनों का कहना है कि लोकसभा चुनाव में कम से कम 600 करोड़ की व्यापार होने की उम्मीद है।
इस बार के लोकसभा चुनाव में साड़ी पर राजनीतिक पार्टियों के चिह्न के अलावा नारे भी देखने को मिल रहे हैं। कई व्यापारी ऐसे भी हैं, जो राजनीतिक दलों के लिए खुद ही बना कर इसका निशुल्क वितरण करते हैं। सबसे अहम बात यह है कि दक्षिण भारत से भी झंडे और टोपी के ऑर्डर ज्यादा मिल रहे हैं। अब तक आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु जैसे राज्यों से ज्यादा डिमांड आ रही है। महाराष्ट्र के बाजारों में राजस्थान और एमपी से ज्यादा डिमांड आ रही है। जबकि दिल्ली में हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और जम्मू कश्मीर से ऑर्डर की शुरुआत हो चुकी है। इसी तरह एमपी के थोक विक्रेताओं के पास स्थानीय मांग के अलावा छत्तीसगढ़ से भी ऑर्डर मिल रहे हैं।
राम मंदिर की झलक चुनाव प्रचार सामग्री पर
बाजारों में टोपी, साड़ी के अलावा भगवान राम के त्रिशूल वाले झंडे, थैले, बैग, टी-शर्ट जैसे सामान पर इसका प्रभाव पड़ रहा है। इस साल विभिन्न राज्यों के बाजारों में अयोध्या के राम मंदिर की झलक चुनाव प्रचार सामग्री पर भी देखी जा रही है। भाजपा कार्यकर्ता अपने पार्टी के निशान वाले झंडे से ज्यादा राम नाम के झंडे का इस्तेमाल कर रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि जीएसटी का असर भी चुनाव सामग्री पर दिखाई दे रहा है। इस बार पिछले चुनाव की तुलना में झंडे महंगे मिल रहे हैं।
गुजरात के सूरत स्थित मंडप क्लॉथ एसोसिएशन के अध्यक्ष देव संचेती का अमर उजाला को बताया कि लोकसभा चुनाव को देखते हुए इन दिनों टोपी, साड़ी की डिमांड ज्यादा है। सूरत के करीब 600 कारोबारी इसका काम कर रहे हैं। सूरत में सिंथेटिक कपड़े के सारे खेस और टोपी और झंडे बनाए जाते हैं। इसके अलावा भी साड़ी भी बड़ी मात्रा में सूरत से दक्षिण भारत के राज्यों में भेजी जा रही है।
इंदौर के कपड़ा बाजार से जुड़े व्यापारी विजय बियाणी का कहना है कि इंदौर के व्यापारियों को छत्तीसगढ़, राजस्थान समेत दक्षिण भारत के राज्यों से टोपी और साड़ी की डिमांड आ रही है। अभी तक 20 लाख टोपी, 20 लाख झंडे और 20 लाख साड़ियों के ऑर्डर मिल चुके हैं। आगामी दिनों में अभी आर्डर मिलने की उम्मीद है।