उत्तराखंड में एक ही चरण में लोकसभा चुनाव होंगे। सूबे में 11 अप्रैल को वोटिंग होगी। मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि इस बार लोकसभा चुनाव सात चरणों में संपन्न होंगे। पहले चरण की वोटिंग 11 अप्रैल को 20 राज्यों की 91 लोकसभा सीटों पर होगी।
वहीं, दूसरे चरण की वोटिंग 18 अप्रैल को 13 राज्यों की 97 लोकसभा सीटों पर होगी। तीसरे चरण की वोटिंग 23 अप्रैल को 14 राज्यों की 115 लोकसभा सीटों के लिए होगी। जबकि, चौथे चरण की वोटिंग 29 अप्रैल को 9 राज्यों की 71 लोकसभा सीटों के लिए होगी। पांचवें चरण की वोटिंग 6 मई को 7 राज्यों की 51 लोकसभा सीटों के लिए होगी। छठे चरण की वोटिंग 12 मई को 7 राज्यों की 59 लोकसभा सीटों के लिए होगी, जबकि सांतवें चरण की वोटिंग 19 मई को 8 राज्यों की 59 लोकसभा सीटों के लिए होगी। इसके बाद 23 मई को चुनाव के नतीजे आएंगे।
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उत्तराखंड में हैं 5 लोकसभा सीटें
उत्तराखंड में लोकसभा की 5 सीटें हैं। इनमें से तीन सीटें गढ़वाल मंडल में और दो सीटें कुमाऊं मंडल में हैं। सूबे में अल्मोड़ा, टिहरी गढ़वाल, गढ़वाल, नैनीताल-उधमसिंह नगर और हरिद्वार लोकसभा सीटें हैं।
सत्तारूढ़ पार्टी
भारतीय जनता पार्टी
सूबे में मतदाताओं की संख्या
76.28 लाख
किस पार्टी के पास कितनी लोकसभा सीटें
अभी उत्तराखंड की सभी 5 लोकसभा सीटें भाजपा के पास हैं।
विधानसभा सीटें
उत्तराखंड में विधानसभा की 70 सीटें हैं। इनमें से 57 सीटें भाजपा के पास और 11 सीटें कांग्रेस के पास हैं। दो सीटें निर्दलियों के पास हैं।
2017 विधानसभा चुनाव में हरीश रावत हार गए थे अपनी दोनों सीटें
हरीश रावत उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रहे हैं। 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में वो हरिद्वार ग्रामीण और किच्चा दोनों ही सीटों से चुनाव हार गए थे। हरीश रावत के बाद सूबे में इंदिरा हृदयेश भी बड़ा नाम हैं। वह सूबे की विधानसभा में विपक्ष की नेता हैं। हरीश रावत सरकार में इंदिरा वित्त और उच्च शिक्षा मंत्रालय संभाल चुकी हैं। इंदिरा ने 2017 के विधानसभा चुनाव में अपनी सीट से जीत दर्ज की थी।
मुख्यमंत्री
त्रिवेंद्र सिंह रावत
चुनावी मुद्दे
बेरोजगारी
रोड कनेक्टिविटी और शहरी इलाकों में पानी की समस्या
पलायन और ग्रामीण इलाकों की कृषि समस्या