पंडित नेहरू की यह बात सही साबित हुई और 39 साल बाद 1996 में अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री बने।
भारत के दूसरे लोकसभा चुनाव में गणतंत्र परिषद पार्टी ने 15 प्रत्याशी मैदान में उतारे थे जिनमें से 7 ने जीत हासिल की। फॉरवर्ड ब्लॉक ( मार्क्सिस्ट) पार्टी के 5 में से 2 उम्मीदवारों ने चुनाव जीता। जबकि प्रजा सोशलिस्ट पार्टी इस चुनाव में अपना खाता भी नहीं खोल पाई। पार्टी ने 3 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा था। दूसरे आम चुनाव में अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने 1 सीट जीतीं। जबकि अखिल भारतीय राम राज्य परिषद के खाते में एक भी सीट नहीं आई।
45 महिला प्रत्याशियों में से 22 ने जीता चुनाव, वाजपेयी पहली बार पहुंचे संसद
दूसरे लोकसभा चुनाव में 45 महिला प्रत्याशी मैदान में थीं जिनमें से 22 ने जीत दर्ज की। इस चुनाव में ही अटल बिहारी वाजपेयी पहली बार जनसंघ पार्टी के टिकट पर संसद पहुंचे। वाजपेयी उत्तर प्रदेश के बलरामपुर से चुनाव जीतकर संसद में पहुंचे और प्रधानमंत्री नेहरू उनके भाषण कला के इतने मुरीद हुए कि कह डाला कि यह युवा एक दिन देश का प्रधानमंत्री बनेगा। पंडित नेहरू की यह बात सही साबित हुई और 39 साल बाद 1996 में अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री बने। वाजपेयी मथुरा से राजा महेंद्र प्रताप से चुनाव हारे लेकिन बलरामपुर सीट ने उन्हें संसद की दहलीज पर पहुंचा दिया। यहां से अटल बिहारी वाजपेयी ने कांग्रेस के नेता हैदर हुसैन को पराजित किया था।
चुनाव के बाद 18 अप्रैल 1957 को तीसरे नेहरू मंत्रिमंडल का गठन हुआ। गृहमंत्री की जिम्मेदारी पंडित गोविंद बल्लभ पंत ने संभाली। विदेश मंत्रालय का प्रभार जवाहरलाल नेहरू ने अपने ही पास रखा। वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी थिरुवलु थातु कृष्णामाचारी के पास थी। बाद में 13 मार्च 1958 में मोरारजी देसाई ने वित्त मंत्री के तौर पर जिम्मेदारी संभाली।