कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि यह संवैधानिक संस्था के लिए काला दिन है। अगर सिर्फ एक ही पक्ष लेना है, एक ही पक्ष की सुनवाई करनी है तो फिर संस्था की स्वतंत्रता का क्या मतलब रह जाता है?' मालूम हो कि चुनाव आयोग ने बुधवार को अहम बैठक की थी। बैठक के बाद 22 विपक्षी पार्टियों की उस मांग को आयोग ने खारिज कर दिया, जिसमें मतगणना से पहले वीवीपीएटी की पर्चियों को गिने जाने की मांग की गई थी।
विपक्ष की मांग थी कि मतगणना से पहले वीवीपीएटी पर्चियों की गिनती हो और समानता ना पाई गई तो संबंधित विधानसभा क्षेत्र के वीवीपीएटी की पर्चियों की गिनती की जाए। आयोग ने इस मांग को खारिज करते हुए कहा कि मतगणना से पहले वीवीपैट से मिलान नहीं किया जाएगा, बल्कि मतगणना के अंत में ही पर्चियों का मिलान किया जाएगा।