मालेगांव बम धमाकों के एक पीड़ित के पिता ने साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के भोपाल से भाजपा उम्मीदवार घोषित किए जाने के खिलाफ अर्जी दाखिल की है। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, पीड़ित के पिता ने अर्जी में एनआईए कोर्ट के सामने साध्वी की सेहत का हवाला देते हुए उनकी उम्मीदवार पर सवाल उठाया गया है। दरअसल, इसकी बड़ी वजह यह है कि साध्वी प्रज्ञा की जामनत अर्जी में उनके स्वास्थ्य का हवाला दिया गया था।
बता दें भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को भोपाल लोकसभा सीट के लिए साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को टिकट दिया है। इस सीट पर उनका सीधा मुकाबला पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह से माना जा रहा है।
इसके अलावा मालेगांव ब्लास्ट केस में आरोपी साध्वी प्रज्ञा के खिलाफ एक्टिविस्ट तहसीन पूनावाला ने चुनाव आयोग में शिकायत की है। तहसीन ने मालेगांव ब्लास्ट की आरोपी साध्वी प्रज्ञा की उम्मीदवारी पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग से उनके चुनाव लड़ने पर रोक लगाने की गुहार की है। तहसीन ने अपनी शिकायत में कहा है कि साध्वी प्रज्ञा प्रीवेंशन एक्ट सहित अन्य अपराधों में आरोपी है। इस मामले में करीब नौ वर्ष जेल में रहने के बाद वर्ष 2017 में अदालत ने चिकित्सकीय आधार पर साध्वी प्रज्ञा को जमानत दी थी।
तहसीन ने अपनी शिकायत में कहा हेकि जिस दिन साध्वी प्रज्ञा को भोपाल से भाजपा का उम्मीदवार बनाया गया, उसी दिन से लोकसभा चुनाव,2019 केलिए ध्रवीकरण का खेल शुरू हो गया। साध्वी प्रज्ञा ने लोकसभा चुनाव को 'धर्म युद्ध’ का नाम दे डाला। लिहाजा तहसीन ने चुनाव आयोग से आग्रह किया कि आचार संहित केतहत साध्वी प्रज्ञा केखिलाफ उचित कार्रवाई की जाए और साथ ही साथ उनकेचुनाव लडने पर रोक लगाई जाए।उस आरोपी को चुनाव लडने की इजाजत नहीं मिलनी चाहिए जिसका संबंध आतंक से रहा हो।
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गौरतलब है कि 29 सितंबर 2008 को नासिक के मालेगांव शहर में एक बाइक में बम लगाकर विस्फोट किया गया था। इसमें 7 लोगों की मौत हुई थी और करीब 100 लोग जख्मी हो गए थे। इस मामले में साध्वी प्रज्ञा और कर्नल पुरोहित को अक्तूबर 2008 में गिरफ्तार किया गया था। प्रज्ञा पर मकोका अधिनियम की विभिन्न धाराएं भी लगाई गई थीं। साध्वी पर मालेगांव ब्लास्ट के साथ ही साथ सुनील जोशी की हत्या का भी आरोप है।
एनाईए की जांच में भी ये बात सामने आई कि सुनील का प्रज्ञा के प्रति आकर्षण ही उनकी हत्या का कारण बना। 2017 में जांच के बाद एनआईए ने अदालत से कहा कि उसे प्रज्ञा ठाकुर को जमानत पर छोड़ने में दिक्कत नहीं है क्योंकि उनके खिलाफ अभियोजन लायक सुबूत नहीं हैं।
जिसके बाद 25 अप्रैल 2017 को उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। अब साध्वी, भोपाल से दिग्विजय सिंह के खिलाफ मैदान में हैं।