कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा पूर्वी उत्तर प्रदेश की जनता को अपने पक्ष में करने के लिए नई कोशिश में लगी हुई हैं। क्षेत्र की आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, मनरेगा लाभार्थियों, सरकारी शिक्षकों और स्कूल और मदरसे के विद्यार्थियों को अलग-अलग चिट्ठी लिख कर प्रियंका आश्वासन दे रही हैं कि वो उनकी परेशानियों का समाधान निकालने की कोशिश करेंगी। चिट्ठी के जरिए लोगों से सीधा संपर्क बनाने के इस नए तरीके का इस्तेमाल लखनऊ, रायबरेली, अमेठी, सीतापुर, कौशांबी समेत कुल 14 लोकसभा क्षेत्रों में किया जा रहा है।
आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को लिखी चिट्ठी में प्रियंका ने लिखा कि कुछ महीनों पहले राज्य में अपने दौरे में आप लोगों से मुलाकात हुई थी। आपकी बातें सुनने के बाद आपकी परेशानियों के लिए निजी रूप से मेरे मन में गहरी संवेदना है। लेकिन मौजूदा सरकार ने आपकी जायज मांगों को पूरा करने में भी धोखा किया है। सरकार आपको सहयोग और सहायता देने में असफल रही है। कई बार तो आपके सवालों का जवाब लाठियों से भी दिया गया है।
प्रियंका ने लिखा कि आपके साथ हुए अन्याय को देखते हुए मैंने खुद यह सुनिश्चित किया है कि कांग्रेस के घोषणापत्र में आपके मुद्दों को विशेष रुप से जगह दी जाएगी। इसके साथ ही प्रियंका ने कहा कि कांग्रेस आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की बकाया राशी का भुगतान करेगी और आईसीडीएस फंड में भी बढ़ोत्तरी करेगी।
शनिवार को पांचवे चरण के चुनाव प्रचार के अंतिम दिन कांग्रेस, क्षेत्र की महिला मतदाताओं को भी साधने के प्रयास में लगी रही। प्रियंका गांधी और राहुल गांधी ने अमेठी जिले के कोरवा में महिला कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की थी।
शिक्षकों, प्रशिक्षकों और शिक्षामित्रों को लिखे गए पत्र में प्रियंका गांधी ने लंबित बकाया का भुगतान करने का वादा किया। उन्होंने कहा कि अगर राशि के भुगतान में देरी होती है तो सरकार की तरफ से उन्हें लोन की सुविधा भी दी जाएगी। इसके साथ ही मार्च 2020 तक सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों पर भी भर्ती की जाएगी।
मदरसों के लिए भी प्रियंका ने अपने पत्र में लिखा कि वहां की शिक्षा व्यवस्था को और आधुनिक किया जाएगा। इसके अलावा उन्होंने मनरेगा कर्मियों के लिए भी एक समिति के गठन वादा किया जो 100 दिनों के अंदर उनकी परेशानियों का समाधान करेगी।