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मोदी-जेटली ने चौपट की अर्थव्यवस्था, 23 मई के बाद पटरी पर लाने के लिए कांग्रेस तैयार: चिदंबरम

Wed, 08 May 2019 10:07 PM IST
Abhishek Singh डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
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पी चिदंबरम
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425 लोकसभा सीटों पर चुनाव संपन्न हो चुका है। चार दिन बाद लोकसभा चुनाव के छठे चरण का मतदान है। छठे और सातवें चरण में 59-59 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। नतीजे 23 मई को आएंगे, मगर कांग्रेस पार्टी ने इशारों इशारों में कह दिया है कि 23 मई के बाद मोदी-जेटली द्वारा चौपट अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए कांग्रेस तैयार है। 

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पी. चिदंबरम कहते हैं, कांग्रेस पार्टी अर्थव्यवस्था को मंदी की मार से बाहर निकालेगी। जीएसटी को खत्म कर उसकी जगह कोई दूसरी प्रभावी व्यवस्था अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा, पीएम नरेंद्र मोदी पहले ऐसे पीएम हैं, जिन्हें नौकरी खत्म करने वाले पीएम के तौर पर जाना जाएगा।

कांग्रेस पार्टी ने मतदान के पांच चरण खत्म होने के बाद मोदी को घेरने के लिए अंतिम हथियार के तौर पर चौपट अर्थव्यवस्था का मुद्दा वोटरों के बीच उठाने का फैसला किया है। पार्टी वोटरों को बताएगी कि मोदी सरकार के दौरान अर्थव्यवस्था गर्त में चली गई है। नौकरी, कृषि आय, निवेश और बैंकिंग सेक्टर तबाह हो चुका है। जीएसटी और नोटबंदी से रोजगार खत्म हो गया। रुपया गिरता जा रहा है और निर्यात टूट रहा है। अब मतदान के छठे और सातवें चरण से पहले कांग्रेस पार्टी वोटरों तक इन मुद्दों को पहुंचाएगी। 
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कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम का कहना है कि मोदी और इनके ब्लॉग मंत्री अरुण जेटली ने अर्थव्यवस्था को पूरी तरह खत्म कर दिया है। अब देश की अर्थव्यवस्था एक ऐसे दौर में पहुंच गई है, जिसे दलदल से बाहर निकालना अगली सरकार के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं होगा। कांग्रेस पार्टी यह प्रयास करेगी कि जल्द से जल्द अर्थव्यवस्था पटरी पर आ जाए। 

पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने यह मानकर कि केंद्र में अगली सरकार कांग्रेस पार्टी की बन रही है, कहा, मोदी सरकार की जिन कमियों के चलते आज अर्थव्यवस्था का जो हाल हुआ है, उन्हें दूर करेंगे। ओजीआई रिपोर्ट कहती है कि पिछले साल जो 73 फीसदी नई मुद्रा आई, वह देश के एक फीसदी लोगों की जेब में चली गई। पीएम मोदी के तुगलकी फरमान यानी नोटबंदी और जीएसटी के चलते 2018 में 1.1 करोड़ नौकरियां चली गई। 

एनएसएसओ की लीक रिपोर्ट के मुताबिक, गत 45 वर्ष में बेरोजगारी की दर अपने उच्चतम स्तर 6.1 फीसदी पर जा पहुंची है। 2012 में बेरोजगारी की जो दर थी,  2017 में वह तीन गुणा हो गई थी। एक सवाल के जवाब में चिदंबरम बोले, ऐसा नहीं है कि देश में केवल राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा है। लोग जानते हैं कि राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ साथ आर्थिक सुरक्षा भी जरुरी है। जनता इन मुद्दों को पहचान गई है। 

उन्होंने कहा कि 23 मई को जब चुनाव के नतीजे आएंगे तो आप देखेंगे कि लोगों ने राष्ट्रीय सुरक्षा पर मतदान किया है कि या रोजगार, शिक्षा, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्याएं और चौपट अर्थव्यवस्था जैसे मुद्दों पर अपना वोट दिया है।

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