मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान किए वादों को लेकर भाजपा, कांग्रेस पर लगातार हमलावर रही है। भाजपा ने मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार के खिलाफ आरोप पत्र जारी किया है। पार्टी ने आरोप लगाया कि कमनाथ सरकार ने मध्य प्रदेश की जनता से जो वादे किए उन्हें पूरा करने में वो नाकाम रही है।
भाजपा ने बारह पन्नों का आरोप पत्र जारी किया, जिस पर
अधूरे वादे लिखा है। इस दौरान प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनय सहस्त्रबुद्धे, प्रभात झा समेत कई नेता मौजूद रहे। भाजपा ने कांग्रेस पर किसानों को ठगने का आरोप भी लगाया है। आरोप पत्र के मुताबिक, मध्य प्रदेश सरकार ने यहां की जनता को निराश किया है और सारे वादे सिर्फ कागजों पर सिमट कर रह गए हैं। हालांकि, कांग्रेस ने अपनी प्रतिक्रिया में सभी आरोपों को निराधार बताया है।
शिवराज सिंह चौहान ने संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि कांग्रेस किसानों के लिए कुछ नहीं कर पाई है। उन्होंने कहा कि जिन मुद्दों के सहारे कांग्रेस सत्ता में आई उसे निभाने में नाकाम रही है। अभी तक एक भी किसान को कर्ज माफी का सर्टिफिकेट नहीं मिला है। राज्य के किसान फर्जी सर्टिफिकेट को आग लगा रहे हैं। जबकि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और मुख्यमंत्री कमलनाथ कह रहे हैं कि हमने किसानों का दो लाख तक का कर्ज माफ कर दिया है। ये सरासर गलत है।
उन्होंने राज्य में बिजली कटने की समस्या पर कहा कि ये हमें बंटाधार युग (दिग्विजय कार्यकाल) का याद दिलाता है। जब बिजली कटना एक दस्तूर बन गया था। उन्होंने कहा कि बिजली तब भी कटी जब कमलनाथ अपने संसदीय क्षेत्र में वोट डालने गए थे।
चौहान ने आईटी छापे पर कहा कि कमलनाथ के करीबी के घर से 281 करोड़ पकड़ा जाना बताता है कि कांग्रेस की मानसिकता कैसी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद से राज्य की कानून व्यवस्था चौपट हो गई है।