भाजपा 2019 के चुनाव में जहां 2014 में हुए लोकसभा चुनाव की प्रतिष्ठा बचाने के लिए पूरा जोर लगा रही है, वहीं विपक्ष को सत्ता में लौटने की आस दिख रही है। इस कड़ी में मंगलवार को 15 राज्यों की 116 सीटों पर होने वाला तीसरे चरण का मतदान काफी अहम है। इसमें गुजरात की सभी 26, केरल 20, महाराष्ट्र की 14, कर्नाटक की 14, उत्तर प्रदेश (उप्र.) की 10, छत्तीसगढ़ की सात, उड़ीसा की छह, बिहार की पांच, प.बंगाल की पांच, असम की चार, गोवा की दो और जम्मू-कश्मीर, दादरा नागर हवेली, दमन दीव और त्रिपुरा की एक-एक सीट पर चुनाव होना है।
भाजपा की इज्जत की सबसे बड़ी दांव गुजरात में लगी है। पार्टी ने यहां से 2014 में सभी 26 लोकसभा सीटों पर चुनाव जीता था। कांग्रेस पार्टी खाता भी नहीं खोल पाई थी। इस तरह से 116 सीटों में 67 एनडीए और इन 67 में 62 अकेले भाजपा की झोली में आई थी। यूपीए को कुछ 26 सीटों से संतोष करना पड़ा था और इस 26 में से कांग्रेस के पाले में केवल 16 सीटें आई थी। 24 सीट अन्य के खाते में गई थी। गुजरात के अलावा भाजपा के लिए कर्नाटक, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ भी अहम है। यहां से भाजपा को क्रमश: 10, छह और छह सीट मिली थी। महाराष्ट्र में 4 सीट शिवसेना जीतने में सफल रही थी।
भाजपा नेताओं का कहना है कि गुजरात के लिए अस्मिता का सवाल जस का तस है। इस बार यहां से भाजपा के अलावा किसी का खाता नहीं खुलेगा। वहीं कांग्रेस के नेताओं का दावा करीब 15 सीट जीतने का है। छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और कर्नाटक में भी कांग्रेस के नेताओं को बड़ी सेंध लगाने की उम्मीद है। सूत्र बताते हैं कि तीसरे चरण के मतदान को लेकर पक्ष और विपक्ष दोनों संवेदनशील हैं।
अमित शाह का भाग्य ईवीएम में
23 अप्रैल को गुजरात की गांधीनगर सीट पर मतदान होना है। यहां से भाजपा अध्यक्ष अमित शाह चुनाव लड़ रहे हैं। यह भाजपा के भीष्म पितामह कहे जाने वाले लालकृष्ण आडवाणी की पारंपरिक सीट रही है। सूत्र बताते हैं कि लालकृष्ण आडवाणी 23 तारीख को गांधीनगर जाकर वहां मतदान में हिस्सा लेंगे। भाजपा के नेता आडवाणी के गांधी नगर जाकर मतदान करने को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के लिए आशीर्वाद मान रहे हैं।