केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने नवादा सीट लोजपा के खाते में जाने पर नाराजगी जाहिर की है। गिरिराज ने चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि मैं इसपर ज्यादा नहीं कह सकता, सिर्फ प्रदेश अध्यक्ष कुछ कह सकते हैं क्योंकि वो अंतिम पल तक कहते रहे कि आप जहां से चाहोगे वहां से चुनाव लड़ सकोगे।
गिरिराज सिंह ने आगे नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि मैं इस बारे में ज्यादा नहीं बोल सकता लेकिन मैंने प्रदेश अध्यक्ष से इतना जरूर कहा था कि अगर मैं लोकसभा चुनाव लड़ूंगा तो नवादा से ही लड़ूंगा।
बता दें कि रविवार को भाजपा ने बिहार में गठबंधन के सहयोगियों के साथ सीट बंटवारे का एलान कर दिया था। सीट बंटवारे में भाजपा 17, जेडीयू 17 और लोजपा के हिस्से में 6 सीट आई हैं। बिहार के प्रदेश अध्यक्ष पशुपति पारस ने सीट बंटवारे का एलान किया। गठबंधन में तय किया गया है कि रामविलास पासवान को असम से राज्यसभा भेजा जाएगा।
बिहार में भाजपा पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, मधुबनी, अररिया, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, प्रह्लादपुर, सारण, बेगूसराय, पटना साहिब, पाटलिपुत्र, आरा, बक्सर, सासाराम और औरंगाबाद से चुनाव लड़ेगी।
जबकि, जेडीयू बाल्मीकिनगर, सीतामढ़ी, सुपौल, किशनगंज, कटिहार, पूर्णिया, मधेपुरा, गोपालगंज, सिवान, भागलपुर, बांका, मुंगेर, नालंदा, काराकाज और जहांनाबाद से चुनाव लड़ेगी ।
लोजपा के खाते में हाजीपुर, नवादा, खगड़िया, समस्तीपुर, वैशाली और जमुई की सीट आई हैं। इस बार गिरिराज सिंह की नवादा सीट लोजपा के खाते में गई है।
2014 में बेगूसराय के लिए दी थी धमकी
2014 लोकसभा चुनाव को याद कीजिए, गिरिराज सिंह उस समय भी चर्चा में थे। वह बेगूसराय से चुनाव लड़ना चाहते थे लेकिन पार्टी ने उन्हें नवादा का टिकट थमा दिया। सिंह परेशान रहे और कई बार धमकी भी दी लेकिन फिर भी मामला नहीं सुलझा। गिरिराज सिंह पटना से दिल्ली पहुंचे। उस समय राजनाथ सिंह भाजपा अध्यक्ष थे। तमाम मीडियाकर्मी गिरिराज सिंह को कैद करना चाह रहे थे क्योंकि वो भाजपा के कई नेताओं की पोल खोलने की धमकी देकर पटना से दिल्ली दरबार पहुंचे थे।
यहां उन्होंने सीट परिवर्तन के लिए मिन्नतें कीं, लेकिन मामला सिफर ही रहा। अलाकमान ने उन्हें नवादा से ही ताल ठोकने का आदेश दे दिया। इसके बाद गिरिराज सिंह के तेवर नरम पड़ गए और उन्होंने कहा, 'नरेंद्र मोदी के लिए हम कोई भी कुर्बानी देने को तैयार हैं... हमारी इच्छा है कि मोदी जी प्रधानमंत्री बनें और मैं नवादा के लोगों का प्यार जीतकर मोदी की झोली में रख सकूं।' गिरिराज सही साबित हुए उन्हें चुनाव में जीत मिली। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी राजद के राजवल्लभ प्रसाद को 1 लाख 40 हजार 157 वोटों के अंतर से हराया। विजयी गिरिराज को कुल 3 लाख 90 हजार 248 वोट मिले।